मोहाली। पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज का लोकार्पण करने मोहाली पहुंचे सीएम भगवंत मान ने विरोधियों को जोरदार हमला बोला। राज्य की सरकारी संस्थाओं की बदहाली के लिए सीधे तौर पर अकाली और कांग्रेसी सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार अब सभी सरकारी संस्थाओं में अव्वल दर्जे की सहूलियत प्रदान कर रही है ताकि पंजाब का कोई भी व्यक्ति इन सहूलियतें का लाभ लेने से वंचित न रहे।सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों में नेता-मंत्री निजी संस्थानों के कारोबार में हिस्सेदार थे इसलिए इन संस्थानों को छूट दे रखी थी और इनसे कमीशन खाते थे। इससे सरकारी संस्थाओं की अनदेखी होती थी। अकाली व कांग्रेस नेताओं ने साजिश के तहत पंजाब के स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचा खत्म कर दिया था। इन संस्थाओं के दरवाजे आम लोगों के लिए बंद हो गए थे। मजबूरन लोगों को निजी स्कूलों और अस्पतालों में जाना पड़ रहा था। निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज इतना महंगा था कि रोगी इलाज ही नहीं करवाते थे। राज्य के लोग निराशा के आलम में चले गए थे। परिवारवाद के मोह में डूबे इन राजनीतिज्ञों को कभी पंजाब का दर्द नहीं समझा, इस कारण पंजाब के लोगों ने इनको घर बिठा दिया।
इन नेताओं को पंजाबी की परीक्षा पास करने की चुनौती दी
मुख्यमंत्री मान ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें पंजाबी तक नहीं आती थी, वे पंजाब के नंबरदार बन गए थे। अकाली नेता हरसिमरत बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नवजोत सिद्धू का नाम लेकर कहा कि वह शर्त लगाकर कहते हैं कि ये लोग पंजाबी का पेपर पास नहीं कर सकते। मान ने कहा कि ये नेता कॉन्वेंट स्कूलों से पढ़े हैं, इन्हें पंजाबी भाषा की कोई जानकारी नहीं। यदि वह इन नेताओं को सवालों के जवाब भी बता दें तो भी वह उत्तर सही नहीं लिख सकते। आगे कहा कि अकाली व कांग्रेसियों को लगता था राज्य में तीसरा पक्ष आ ही नहीं सकता। अब पंजाबियों ने आप सरकार बनाकर इन्हें किनारे कर दिया है। सरकार लोगों की भलाई के लिए बड़े फैसले ले रही है तो बौखलाहट में आकर विरोधी नेता बिना वजह निंदा कर रहे हैं।
गैर भाजपा राज्य सरकारों से भेदभाव कर रही केंद्र
केंद्र सरकार की ओर से पंजाब के फंड रोकने की सख्त आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा राज्य सरकारों के साथ नफरत और भेदभाव करती है जिस कारण पंजाब की तरह दिल्ली, केरल, पश्चिमी बंगाल, तमिलनाडु जैसे राज्य अपने फंड लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने को मजबूर हैं। मान ने कहा कि चुनाव में चंडीगढ़ के निगम चुनाव की तरह वोट न चुनी जाए। वहां बीजेपी के नुमाइंदे ने शहर के चुने हुए प्रतिनिधियों के 36 वोटों का मजाक उड़ाया तो सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। मान ने कहा कि पंजाब में 117 विधानसभा हलकों में से 92 विधायक आम आदमी पार्टी जीतकर आए हैं, जो साधारण घरों से संबंध रखते हैं। इन 92 विधायकों में से उनके सहित 82 विधायक पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में लोक सेवा के प्रति समर्पण भावना को योग्यता माना जाता है, जबकि विरोधी पार्टियों में परिवारवाद और निजता को प्राथमिकता दी जाती है।
दो साल में 40 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दो साल में 40 हजार से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरियां दीं हैं, जो पंजाब के इतिहास में रिकॉर्ड है। कहा कि ये नौकरियां हासिल करने वालों में वह नौजवान भी शामिल हैं जो विदेश से लौटकर सरकारी नौकरी कर रहे हैं। नौजवानों के लिए रोजगार के बड़े मौके पैदा करने के लिए राज्य में अधिक से अधिक निवेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो साल में 70 हजार करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है, जिससे तीन लाख नौजवानों को रोजगार मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 117 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां बच्चों को विश्व स्तर की शिक्षा मुहैया करवाई जा रही है।
तीन वर्ल्ड क्लास मेडिकल कॉलेज बनेंगे
मान ने कहा कि होशियारपुर, कपूरथला और मोहाली एयरपोर्ट के पास मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, जो वर्ल्ड क्लास हाेंगे और नवीनतम तकनीकों से लैस होंगे। वहीं कहा कि मोदी वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं, मगर वह वन नेशन वन एजुकेशन, वन नेशन वन हेल्थ सिस्टम जैसी बात क्यों नहीं करते। मान ने कहा कि पंजाब में सरकार एक यूपीएससी सेंटर भी खोलने जा रही है।