अजय सिंह चौटाला ने मंगलवार देर शाम महाभारत रण से जुड़ी कविता सुनाकर कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा - याचना नहीं अब रण होगा-जीवन या मरण होगा, दुर्योधन तू धराशायी होगा-हिंसा का उत्तरदायी होगा। इस कविता के साथ ही सिरसा रोड स्थित देवीलाल सदन में मौजूद करीब 700-800 लोगों ने जोर-जोर से अजय चौटाला के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। अजय चौटाला देवीलाल सदन हांसी में कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद देर शाम हिसार के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
बोले- एक बार चौ. देवीलाल ने भी ओपी चौटाला को निकाला था पार्टी से
अजय यहीं नहीं रुके और उन्होंने कहा कि एक बार चौ. देवीलाल ने चौ. ओमप्रकाश चौटाला के साथ संबंध तोड़ लिए थे और उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। बाद में आप जैसे कार्यकर्ताओं के चलते उन्हें ही उत्तराधिकारी बना दिया। अब आप भी ऐसे ही हालात पैदा करो कि चौटाला साहब को पश्चाताप हो कि उन्होंने गलत फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे आंखें खुलने के समय से ही पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, आज उनको कांग्रेस का पेड वर्कर बताया जा रहा है। जींद की धरती पर 17 को जो फैसला लिया जाएगा, वह बताएगा कि कौन पेड वर्कर है और किसकी पार्टी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 17 नवंबर को जींद में फैसला लिया जाएगा।