चंडीगढ़। छात्रों, युवाओं व मजदूरों के अधिकारों के लिए आइसा छात्र संगठन सामने आया है। देशभर में 12 घंटे की भूख हड़ताल के ऐलान पर चंडीगढ़ व पीयू के छात्रों ने भी अपने घरों पर रहकर 12 घंटे की भूख हड़ताल की। कहा कि जल्द से जल्द फंसे छात्रों, मजदूरों को उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था की जाए। साथ ही होमगार्ड, सफाई कर्मचारियों को स्थाई किया जाए। सभी मजदूरों के खातों में जीवनयापन के लिए दस हजार रुपये भेजे जाएं।
आइसा पीयू के अध्यक्ष विजय कुमार ने खुड्डा अलीशेर में अपने आवास पर भूख हड़ताल की। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण लॉकडाउन किया गया है लेकिन मजदूर भूख से तड़प रहे हैं। उन तक सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं। छात्र कोने-कोने में फंसे हुए हैं। उनके परिजन चिंतित हैं। उन्हें घर पर भेजने की व्यवस्था की जाए। होमगार्ड बिना स्थाई हुए ही पूरी ड्यूटी दे रहे हैं। इसी तरह पत्रकार भी काम कर रहे हैं। सफाई कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से कर रहे हैं। ऐसे में यदि इन्हें कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इसलिए इन सभी को स्थाई किया जाए। यूटी अध्यक्ष अमन रतिया ने भी अपने आवास पर 12 घंटे भूख हड़ताल पर की। उन्होंने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनके अलावा दर्जनों छात्र अपने-अपने घरों पर हड़ताल पर रहे।