चंडीगढ़। पीजीआई की महिला डॉक्टर ने 12.97 लाख रुपये में महिंद्रा एसयूवी कार खरीदी थी। कार खरीदने के पहले ही दिन महज 45 मिनट बाद शोरूम के बाहर गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हैरान करने वाली बात है कि हादसे के दौरान एयरबैग भी नहीं खुले। इस पर डॉ. तरुणप्रीत सैनी ने गाड़ी लेने से इन्कार कर दिया। महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया कि गाड़ी में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट था। इसके बाद मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग को दी। आयोग ने वाहन कंपनी को महिला डॉक्टर के 12.97 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी के लिए 25 हजार और मुकदमा खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।
सेक्टर-16डी में रहने वाली शिकायतकर्ता डॉ. तरुणप्रीत सैनी ने आयोग को बताया कि उन्होंने मोहाली स्थित कंपनी के शोरूम से एसयूवी-300 कार सिक्योरिटी फीचर को देखते हुए खरीदी थी। बावजूद हादसे के दौरान गाड़ी के एयरबैग न खुलना अपनी जान को खतरे में डालने के जैसा है। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले बीमा, पंजीकरण शुल्क, टैक्स समेत वाहन का बिक्री मूल्य समेत कुल 12 लाख 97 हजार 10 रुपये का भुगतान किया था। कार की डिलीवरी के बाद वह शोरूम के कर्मचारी के साथ पेट्रोल भरवाने पास के पंप गई थी। इस दौरान उनकी गाड़ी दूसरी कार से टकराकर शोरूम की चहारदीवारी से जा टकराई। हादसे में उन्हें मामूली चोटें आईं, लेकिन वह हैरान रह गईं कि दुर्घटना के दौरान गाड़ी के एयरबैग नहीं खुले। जब यह बात कार डीलर को बताई तो उन्होंने तर्क दिया कि गाड़ी की टक्कर हल्की थी। इस वजह से एयरबैग नहीं खुले।
कंपनी ने कहा गाड़ी को रिपेयर कर दिया है
शिकायतकर्ता ने ईमेल के माध्यम से वाहन कंपनी को शिकायत देते हुए दुर्घटनाग्रस्त कार की तस्वीरें भेजीं। कंपनी की तरफ से पहले उन्हें कहा गया कि शिकायत की जांच की जा रही है, लेकिन बाद में उन्हें कार रिपेयर के बाद डिलीवरी लेने के लिए कहा गया। इस पर शिकायतकर्ता ने डिलीवरी लेने से इन्कार कर दिया।
एयरबैग न खुलना मैन्युफैक्चरिंग दोषः आयोग
कंपनी ने आयोग में जवाब दायर किया कि गाड़ी में कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं था क्योंकि गाड़ी की दूसरे वाहन से इतनी जोर की टक्कर नहीं हुई थी कि एयरबैग खुल सके। इस पर आयोग ने कहा कि कार में एयरबैग सहित सभी सुरक्षा सुविधाएं थीं, लेकिन दुर्घटना में एयरबैग न खुलना मैन्युफैक्चरिंग दोष के बराबर है।