चंडीगढ़। आरवाईए व आइसा की ओर से रविवार को हैल्लोमाजरा में बैठक की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सीएए संविधान की भावना के खिलाफ है, क्योंकि यह नागरिकता प्रदान करने के आधार के रूप में धर्म का परिचय देता है। उन्होंने एनआरसी को गरीब विरोधी और निरर्थक अभ्यास करार दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत के अल्पसंख्यकों और दलितों में एक डर पैदा कर दिया है और सरकार का विरोध या आलोचना करने वाले सभी लोगों के नागरिक अधिकारों पर क्रूर हमले का सहारा लिया गया। उन्होंने कहा कि एक साथ नई जागृति जनता के बीच देखी जा रही है, जिससे वह सरकार के सांप्रदायिक कृत्यों द्वारा इस कदम का विरोध करने के लिए एक साथ आने के लिए अपनी धारणाओं से ऊपर उठ रहे हैं। इस मौके पर बाबा चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. प्यारे लाल गर्ग, आइसा अध्यक्ष पीयू विजय कुमार, कंवलजीत सिंह, पुनीत वर्मा, ईशा अरोड़ा, सुदामा, अनुज पांडेय आदि मौजूद रहे।