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Chandigarh News: सर्जरी के बाद मरीज की एचआईवी रिपोर्ट आई पॉजिटिव, पीजीआई रेफर

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चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में सर्जरी से पहले होने वाले एचआईवी टेस्ट को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसमें जांच रिपोर्ट की अनदेखी कर ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने एक एचआईवी संक्रमित बच्ची की सर्जरी बिना बचाव के मानकों का पालन करते हुए कर दिया है। सर्जरी के बाद जांच रिपोर्ट में एचआईवी की पुष्टि होने पर अस्पताल में हड़कंप मच गया है। वहीं, सर्जरी में शामिल पैरामेडिकल स्टाफ ने संक्रमण की आशंका जताते हुए इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से शिकायत भी कर दी है, जबकि दूसरी तरफ रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस मरीज के माता-पिता की भी एचआईवी जांच की गई है, जिसमें पिता में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि 5 महीने की गर्भवती मां की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट आने के बाद मरीज और उसके माता-पिता को सोमवार को पीजीआई के एआरटी सेंटर रेफर कर दिया है। सात माह की बच्ची के कान में गंभीर इंफेक्शन होने पर ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने दो हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती किया था। संक्रमण के साथ टीबी होने पर उसकी एचआईवी जांच भी कराई गई थी। इसमें किट की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। किट रिपोर्ट के आधार पर बच्ची की सर्जरी की योजना बना ली गई। वहीं मानक के अनुसार किट की रिपोर्ट के साथ उसकी सेरोलॉजी जांच के लिए भी नमूना भेजा गया। विशेषज्ञों के अनुसार किट की जांच रिपोर्ट 10 मिनट में आ जाती है, जबकि सेरोलॉजी की रिपोर्ट आने में 24 घंटे लग जाते हैं। ऐसे में सर्जरी करने वाली टीम ने सेरोलॉजी की रिपोर्ट आने का इंतजार किए बिना किट की रिपोर्ट के आधार पर बच्ची की सर्जरी कर दी। सर्जरी पूरी होने के कुछ ही देर बाद उसकी सेरोलॉजी की रिपोर्ट मिली। इसमें एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इसकी सूचना मिलते ही सर्जरी में शामिल ईएनटी विभाग के एचओडी डॉ. रोशन लाल वर्मा ने तत्काल ओटी और उपकरण स्टरलाइज करने का निर्देश दे दिया।
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सर्जरी में बचाव के मानकों का दिया जा रहा हवाला
वहीं, मामले में संक्रमण की आशंका पर की गई शिकायत पर बचाव करते हुए डॉ. रोशन लाल का कहना है कि सर्जरी के दौरान बचाव के सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता है। ऐसे में संक्रमण का हल्ला मचाना गलत है। क्योंकि उनके स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की गई है। आमतौर पर सर्जरी के पहले की जाने वाली एचआईवी किट टेस्ट को भी मान्य किया गया है। ऐसे में संबंधित मरीज की दो बार किट रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही सर्जरी की गई है।
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बच्ची के कारण पिता को भी मिली संक्रमण की जानकारी
बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने माता-पिता में संक्रमण की आशंका जताते हुए उनकी भी एचआईवी जांच की है। इसमें पिता में संक्रमण की पुष्टि हो गई है। वही माता की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि माता के संक्रमित होने पर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे में भी संक्रमण हो सकता है। ऐसे में पीजीआई एआरटी सेंटर रेफर कर उन्हें सही इलाज दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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