कलाप्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। कोरोना के चलते बीते सात माह से बंद टैगोर थियेटर सहित अन्य थियेटर नवंबर में खोल दिए जाएंगे। अभी इसकी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। वहीं, प्राचीन कला केंद्र में रविवार को शाम लाइव प्रोग्राम होगा।
बता दें शहर में कोई भी ऑफलाइन नाटक और कलात्मक कार्यक्रम हुए करीब सात महीने हो गए हैं। शहर की कला अकादमियों के साथ रंगमंच कलाकार भी कई बार प्रशासन को अकादमियां और थिएटर खोलने को लेकर बात कर चुके हैं। लेकिन अब प्रशासन ने इन्हें खोलने का मन बना लिया है।
केंद्र सरकार ने अपने दिशा-निर्देशों में 15 अक्टूबर से ओपन थियेटर खोलने की अनुमति दे दी थी। थियेटर कैसे खोले जाएं, इसका फैसला राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खुद करना था। चंडीगढ़ में नवरात्रों को देखते हुए प्रशासन ने रामलीला के मंचन के अनुमति दे दी थी। इसके साथ ही सिनेमा हॉल भी खोल दिए गए। लेकिन कलाकारों के शहर में संगीत, रंगमंच और नृत्य आदि गतिविधियों के आयोजन की अनुमति नहीं मिल पाई।
कोविड-19 केसों को देखते हुए अभी तक नाट्य थिएटर को खोलने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया था। प्रशासन अब कलात्मक गतिविधियों को फिर से शुरू करवाने की तैयारियां कर रहा है। दस से पंद्रह दिनों के बीच टैगोर व अन्य थिएटर खोल दिए जाएंगे। अभी इसके लिए कोई दिनांक निर्धारित नहीं की गई है। - सौरभ अरोड़ा, निदेशक , कल्चर
आज प्राचीन कला में आयोजित होगी पहली लाइव भजन संध्या
सेक्टर-35 प्राचीन कला केंद्र रविवार को शाम 5 बजे लॉकडाउन के बाद पहली लाइव भजन संध्या का आयोजन करने जा रहा है। इसमें योगामाया भट्टाचार्जी भजन प्रस्तुत करेंगी। इनके साथ जसंवत जस्सा की बोर्ड और सर्बजीत तबले पर होंगे।
दर्शकों को पहले ही निमंत्रण भेजकर सीटें बुक की गई हैं। ऑडिटोरियम में 150 दर्शकों की जगह हैं लेकिन सिर्फ 30 दर्शकों की ही बुकिंग की गई है। निमंत्रण पत्र में ही बिना मास्क नो एंट्री की सूचना प्रकाशित की गई है। वहीं हॉल को पहले ही सैनिटाइज करवा लिया गया है और कार्यक्रम से डेढ़ घंटे पहले भी दोबारा सैनेटाइज करवाया जाएगा। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण अन्य दर्शकों के लिए सोशल मीडिया पर किया जाएगा।