कालेधन के बाद अब गेहूं को भी नई फसल से पहले ज्यादा कीमतों में ठिकाने लगाने का काम शुरू हो चुका है।गांव सिल्लाखेड़ी स्थित हैफेड के गोदाम में गेहूं का वजन बढ़ाने के गोरखधंधे का प्रशासन ने छापा मारकर मामले का भंडाफोड़ कर दिया।
यहां हैफेड के कर्मचारी ही गेहूं को लोड करने से पहले उस पर पानी का छिड़काव कर वजन बढ़ा रहे थे। जांच टीम के अनुसार गेहूं के कट्टों पर पानी का छिड़काव करके उसे दिल्ली भेजने के लिए गाड़ियों में लोड किया जा रहा था। गेहूं पर पानी के छिड़काव की सूचना डीसी विनय सिंह को मिल गई।
डीसी विनय सिंह के आदेश पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने गोदाम पर छापामारी की। जहां पर गेहूं के कट्टों पर पानी के छिड़काव स्पष्ट दिख दे
रहे था।
जब एएफएसओ सतीश सेतिया ने टीम के साथ गेहूं के सैंपल लेकर उनकी जांच की तो उसकी नमी 19.4 प्रतिशत निकली, जबकि नियमानुसार गोदाम
में रखे गेहूं में 12 प्रतिशत नमी मिलनी चाहिए।
गोदाम में पहुंचे कर्मचारियों ने गेहूं के सैंपल लेकर जांच रिपोर्ट तैयार करके डीसी को सौंपी है। डीसी ने गेहूं पर पानी का छिड़काव करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
सोमवार शाम को डीसी विनय सिंह को सूचना दी कि गांव सिल्लाखेड़ी के हैफेड गोदाम में गेहूं पर पानी का छिड़काव करके वजन को बढ़ाया जा रहा
है। इसके बाद एएफएसओ सतीश सेतिया, डीएसपी विरेंद्र सिंह, एसएसओ विकास, चौकी इंचार्ज कर्ण सिंह के नेतृत्व में गोदाम पर छापामारी की।