नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग के लुधियाना जोन ने विभिन्न छापामारी और सर्वे में लगभग सौ करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता लगाया है। इसमें लगभग बीस करोड़ के एसेट और नगदी के साथ साथ करीब एक करोड़ की नई करेंसी भी शामिल है। कारोबारियों ने पचास करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं।
नोटबंदी के बाद से हर ट्रांजेक्शन पर विभाग की नजर है। दूसरे केंद्र सरकार द्वारा काले धन की शिकायत के लिए शुरू की वेबसाइट पर लुधियाना जोन से संबंधित मिली शिकायतों की भी जांच की जा रही है। यह जानकारी आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर बीके झा ने बुधवार को आयकर भवन में आयोजित कांफ्रेंस में दी।
चीफ कमिश्नर ने अपील की है कि वे काले धन को पीएम गरीब कल्याण योजना में डिस्क्लोज करें। काला धन घोषित करने का सरकार ने अंतिम अवसर दिया है, लोग इसका भरपूर फायदा उठाएं। इस योजना के तहत 50 फीसदी टैक्स जमा होगा। 25 फीसदी रकम वापस मिलेगी और 25 फीसदी चार साल के लिए कल्याण योजना में एफडी होगी। इस पर ब्याज नहीं मिलेगा। काला धन घोषित करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। घोषित रकम को उस साल की आय में भी नहीं जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद हर संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर विभाग की नजर है। इस अवसर पर विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।