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प्रेम विवाह के बाद बेटी गांव में आई तो बाबुल का हुक्का-पानी बंद

Wed, 30 Nov 2016 04:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
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पंचायत - फोटो : Demo Pic
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एक युवती ने प्रेम विवाह क्या किया, उसके मायके वालों का हुक्का-पानी ही बंद हो गया। प्रेम विवाह के बाद युवती गांव लौटी तो पहले तो परिवार वालों को इज्जत के नाम पर बेटी को मारने के लिए उकसाया गया। 
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युवती पुलिस सुरक्षा में सकुशल गांव से निकल गई तो पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया। परिवार से बातचीत करने या उन्हें सामान बेचने पर 11 सौ रुपये जुर्माना का फरमान भी सुनाया गया है। 

पिछले दो महीने से परेशानियों से जूझ रहे परिवार ने मंगलवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को व्यथा सुनाई तो उन्होंने डीसी को मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 
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यह सनसनीखेज मामला जिले के प्रह्लादगढ़ गांव का है। लड़की के पिता ने बताया कि उसकी बेटी हांसी गेट स्थिति एक कॉलेज में पढ़ती थी। 28 फरवरी 2014 को वह अचानक गायब हो गई।

लड़की ने गांव के ही एक युवक से कर ली शादी

- फोटो : Demo Pic
शिकायत किए जाने पर पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि लड़की ने गांव के ही एक युवक से शादी कर ली है। उसके परिवार परिवार ने लड़की से कोई संबंध नहीं रखा। 

वह बाहर ही कहीं रहती है। मुसीबत तब हुई जब इसी साल एक अक्तूबर को वह अपना आधार कार्ड व अन्य कागजात लेने के लिए घर आई। परिवार के कुछ लोगों और ग्रामीणों को पता लगा तो वे उसे मारने के लिए उमड़ पड़े। बेटी ने पुलिस को फोन किया। पुलिस सुरक्षा में उसे गांव से बाहर ले जाया गया। 

इसी मामले पर गांव में छह अक्तूबर को पंचायत हुई। उसे पंचायत में बुलाकर कहा कि आगे से बेटी गांव में नहीं आएगी यह सुनिश्चित करें। जब उसने कहा कि आगे की क्या गारंटी? तो पंचायतियों ने हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। 

ये फरमान भी सुनाया कि गांव में कोई भी उनसे बातचीत करेगा या सामान देगा तो 11 सौ रुपये जुर्माना लगेगा। इसके बाद लोगों ने उसे कोई भी सामान देना बंद कर दिया।
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हुक्का-पानी बंद करने के आरोप झूठे : सरपंच

panchayat - फोटो : Bureau
अब पड़ोस के गांवों से सामान लाता हूं। खेतों की जुताई के लिए पड़ोसी गांव से ट्रैक्टर लाया तो उसका विरोध हुआ। तब  पुलिस सुरक्षा में ट्रैक्टर निकाला गया। दो महीने से वह, उसके बच्चे और परिवार के सदस्य काफी परेशान हैं। अब शिक्षा मंत्री को शिकायत की तो डीसी कार्यालय में बुधवार को बुलाया गया है।

सदर थाना प्रभारी नरेंद्र पाल ने बताया कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्हें यह भी नहीं पता कि युवती की सुरक्षा और ट्रैक्टर निकलवाने के लिए पुलिस कभी गांव गई या नहीं।

हुक्का-पानी बंद करने के आरोप झूठे : सरपंच
प्रह्लादगढ़ गांव के सरपंच विनोद कुमार ने हुक्का-पानी बंद करने के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। एक परिवार व एक गोत्र में प्रेम विवाह करने वाले लड़के का परिवार भी तो इसी गांव में रह रहा है, उसे कोई परेशानी नहीं है। 

लड़की का पिता बेवजह गांव को बदनाम कर रहा है। सरपंच ने बताया कि डीसी ऑफिस और पुलिस की ओर से इस बारे में किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है।
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