फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू धमाके के बाद बस ड्राइवर ने की थी घायलों की मदद 

Mon, 11 Mar 2019 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
विज्ञापन
बलविंदर सिंह
विज्ञापन

पिछले वीरवार को जम्मू बस स्टैंड पर हुए हैंड ग्रेनेड धमाके को याद कर पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो में तैनात ड्राइवर बलविंदर सिंह अब भी सिहर उठता है। हादसे के बाद रविवार को ड्राइवर पी-123 (आउटसोर्स ड्राइवर) पठानकोट डिपो में दोबारा ड्यूटी पर पहुंचे। 

विज्ञापन


बलविंदर का कहना है कि खून के धब्बे और चीख पुकार को भूलना नामुमकिन है। हालांकि उसने उस दौरान होश नहीं खोया और धमाके के तुरंत बाद बस को अड्डे से बाहर ले जाकर यात्रियों को शांत करवाया और सभी को बाहर निकाला। बलविंदर के साहस की अधिकारी और कर्मचारी सराहना कर रहे हैं। 

रविवार को ड्यूटी पर लौटे ड्राइवर बलविंदर सिंह ने बताया कि वीरवार को सुबह 6 बजे अमृतसर से चलने के बाद वह 11:30 बजे जम्मू पहुंचे। बीस मिनट के बाद उन्होंने बस को बस स्टैंड पर लगा दिया। सवारियां बस में चढ़ने लगी कि अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह से हिल गया। 
विज्ञापन


उन्होंने पीछे मुड़ कर देखा तो बस के शीशे टूट चुके थे। धैर्य खोने की बजाय उन्होंने बस को एक साइड पर ले जाकर खड़ा करने के बाद बस में सवार यात्रियों को धीरे-धीरे नीचे उतारा ताकि भगदड़ न मचे। 

ड्राइवर बलविंदर सिंह ने बताया कि अगर बस वहां खड़ी रहती तो नुकसान ज्यादा होता। उसी वक्त जम्मू बस स्टैंड पर तैनात अड्डा इंचार्ज मनप्रीत सिंह भी उनके पास पहुंचे और एंबुलेंस व पुलिस की सहायता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उसके बाद कंडक्टर हरजीत को भी अस्पताल पहुंचाने के बाद वह घर लौटे। 

पिछले वीरवार को पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो की बस नंबर पीबी-35 क्यू 9565 जम्मू के बस स्टैंड पर अमृतसर के लिए खड़ी थी। बस के पिछले हिस्से के पास हैंड ग्रेनेड फट गया था। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि, बस कंडक्टर हरजीत सहित करीब पंद्रह लोग घायल हो गए थे।

कंडक्टर हरजीत की टांग में ग्रेनेड के छर्रे लगे हैं जिसे रविवार को डिपो की ओर से मेडिकल सुविधा के लिए अमृतसर भेज दिया गया है, जबकि ड्राइवर बलविंद्र सिंह को खरोंच तक नहीं आई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें