प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी सर्दी बिता दी। अब लगभग एक महीना शेष रहने के बाद प्रशासन को बेघरों की याद आई है। पंचकूला में बाकायदा अस्थायी रैन बसेरे बनाने के लिए जिला सचिवालय में शुक्रवार बैठक में इस पर चर्चा हुई और सिर्फ जगह चिह्नित की।
जबकि चंडीगढ़ में दिसंबर के पहले सप्ताह में ही प्रशासन ने रैन बसेरा बना दिया था। जब तक अस्थायी रैन बसेरा का निर्माण होगा तब तक शायद ठंड बीत जाए। बता दें कि ठंड से पंचकूला में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बेघरों का आशियाना पंचकूला के फुटपाथ
सिर्फ श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर के अलावा शहर में रात्रि ठहराव के लिए पंचकूला में एक भी रैन बसेरा नहीं हैं। इसके चलते वर्तमान में बेघरों के आशियाना पंचकूला के फुटपाथ बन गए हैं।
वे पिछले ढाई माह से ठंड में फुटपाथ पर रात बिताने को मजबूर हैं। कई बेघरों को रात बारह बजे के बाद जब ठंड ज्यादा लगने लगती है तो वह रात बिताने के लिए पंचकूला के बस क्यू शेल्टर में चले जाते हैं।