चंडीगढ़। चंडीगढ़ में माहौल खराब करने की कथित साजिश की जांच में अब पंजाब कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े बताए जा रहे मॉड्यूल के हैंडलर सतनाम उर्फ सत्ता नौशेरा ने पकड़े गए तीन आरोपियों को चंडीगढ़ के बाद पंजाब में भी टारगेट किलिंग और माहौल बिगाड़ने का टास्क दिया था। जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में विस्फोट के बाद पंजाब में भी हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना थी। चंडीगढ़ में सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय, सेक्टर-9 स्थित पंजाब भाजपा अध्यक्ष की कोठी और पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर को निशाना बनाने की योजना होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब पंजाब में प्रस्तावित गतिविधियों और संभावित टारगेट की जानकारी जुटा रही हैं।
तीन आरोपियों को दिया गया था पंजाब का टास्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह, जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप और अमृतसर निवासी प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ के रूप में हुई है। जांच के मुताबिक, तीनों को चंडीगढ़ में विस्फोट करने के बाद पंजाब में टारगेट किलिंग और माहौल खराब करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को निर्देश किस माध्यम से मिलते थे, उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और पंजाब में किन गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। एजेंसियों को आशंका है कि हिंसक गतिविधियों के जरिए लोगों में भय पैदा कर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी।
42 हजार रुपये की फंडिंग का दावा
जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में विस्फोट और माहौल खराब करने के लिए तीनों आरोपियों को करीब 42 हजार रुपये दिए गए थे। अब एजेंसियां इस रकम के स्रोत और आरोपियों तक पहुंचने के तरीके की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल लेन-देन और अन्य वित्तीय साक्ष्यों को भी खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि फंडिंग की कड़ियां सामने आने से मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों और इसके पीछे मौजूद फंडिंग नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
चुनाव से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीकेआई से जुड़े इस कथित मॉड्यूल की गतिविधियों को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं। पंजाब पुलिस को भी इससे जुड़े इनपुट मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद डीजीपी गौरव यादव ने बॉर्डर बेल्ट के इलाकों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की जांच भी आगे बढ़ रही है। चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक, जांच का दायरा केवल एक घटना तक सीमित नहीं है। टारगेट किलिंग और हिंसक गतिविधियों के जरिए लोगों में भय पैदा करने की कथित साजिश की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है। एजेंसियां अब मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों और फंडिंग नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।