फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भोपाल जेल ब्रेक के बाद बुडै़ल जेल की बढ़ी सुरक्षा, कैदियों पर ऐसे रखी जाएगी नजर

Sat, 05 Nov 2016 09:04 AM IST
पवन तिवारी/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
बुड़ैल मॉडल जेल चंडीगढ़
विज्ञापन
भोपाल जेल से आठ आतंकवादियों के भागने की घटना के सामने आने के बाद बुड़ैल जेल के अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 
विज्ञापन

बुडै़ल जेल प्रशासन ने जेल परिसर व कैदियों पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरा खरीदने का फैसला किया है।

साथ ही पुलिस जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाएगी। जेल प्रशासन किसी तरह का कोई चांस नहीं लेना चाहता। जिसके चलते सभी बैरकों में लगने वाले ताले तक बदल दिए गए हैं। डीएसपी बुड़ैल जेल अमनदीप सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन ने ड्रोन कैमरा लेने का फैसला लिया है। 

दो दिनों के एक ड्रोन कैमरा जेल में आ जाएगा। फिलहाल एक ही ड्रोन ही लिया जा रहा है। इसके नतीजे देखने के बाद एक और  ड्रोन खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि भोपाल जेल ब्रेक के बाद से बुड़ैल जेल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 
विज्ञापन


इस समय जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या करीब 65 है।  वहीं अब जेल प्रशासन जेल परिसर में 30 से 35 सीसीटीवी कैमरे और लगाने जा रहा है। जल्द ही जेल में नये कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन

सुरक्षा की लिहाज से उठाए ये कदम

Bhopal Jail Break: Few rare type Jail escaping in history
गौरतलब है कि 2004 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा, परमजीत  सिंह भ्योरा, जगतार सिंह तारा  और एक अन्य  हत्या के मामले में  आरोपी देवी सिंह जेल से 94 फीट लंबी सुरंग खोदकर बुडै़ल जेल से फरार हो गए थे। जिसके बाद पुलिस ने तीन आरोपी हवारा,  तारा और भ्योरा को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन देवी सिंह का आज तक पता नहीं चला है। 

सुरक्षा की लिहाज से उठाए ये कदम
जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जेल के मुख्य गेट से लेकर करीब आधा किलोमीटर तक नो व्हीकल जोन बना दिया है। जो रिश्तेदार अपने सगे संबंधियों से मिलने आते हैं, उनके लिए जेल की तरफ से दो ई रिक्शा चलाए गए हैं। 

जो भी कैदियों को मिलने आता है उसको रिक्शे से जेल केगेट तक लाया जाता है और बाद में वापस रिक्शे से छोड़ा भी जाता है। कैदियों के बैरक में लगने वाले सभी तालें भी बदल दिए गए हैं। स्टाफ के वाहनों की एंट्री के लिए विशेष तरह के स्टीकर दिए गए हैं। जिन वाहनों पर स्टीकर लगा होगा उसी वाहन को परिसर में एंट्री मिलेगी।

कैदियों पर नजर रख इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। भोपाल जेल घटना के बाद बुडै़ल जेल में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन जल्द ही ड्रोन कैमरा खरीदने जा रहा है। एक दो दिनों में ड्रोन कैमरा हमारे पास आ जाएगा।  परिसर में और सीसीटीवी कैमरे लगाने केलिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - अमनदीप सिंह, डीएसपी, बुडै़ल जेल, चंडीगढ़। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें