पंजाब के खाद्य आपूर्ति विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ भगवंत मान की सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बाद अमृतसर के सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) शिवराज खन्ना का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें उन्होंने विजिलेंस विभाग द्वारा टेंडर घपले को लेकर सोमवार रात पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को गिरफ्तार किए जाने पर भगवंत मान को बधाई देते हुए कहा कि यह घपला 2500 करोड़ का नहीं अगर सही से जांच की जाए तो यह 25 हजार करोड़ का निकलेगा।
एएफएसओ खन्ना ने वीडियो में कहा कि गिरफ्तार पूर्व मंत्री से ही नहीं बल्कि विभागीय अधिकारियों से भी अगर सख्ती से पूछताछ की जाए तो पंजाब की अब तक सबसे बड़ी सच्चाई (घोटाला) सामने आएगा। उन्होंने कहा कि टेंडर घपले में कई अधिकारियों ने राजनेताओं के दबाव में बुलेट मोटरसाइकिलों और कारों पर 500 से लेकर 600 गेहूं की बोरी तक की ट्रांसपोर्टेशन दिखाई।
इसमें आधा दर्जन सिविल सप्लाई इंस्पेक्टरों का नाम सामने आने वाला है। उन्होंने कहा कि दर्ज एफआईआर में कुछ अधिकारियों को भी शामिल किया गया। मुलाजिमों ने धरनों का दौर शुरू किया लेकिन ऐसे अधिकारियों को विजिलेंस के समक्ष पेश होकर पूरी जानकारी दे दें, ताकि इसमें उन्हें (संबंधित अधिकारी) राहत मिल सके।
उन्होंने सीएम मान को बधाई देते हुए सरकार के इस कदम को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कहे तो वे बता सकते हैं कि खाद्य आपूर्ति विभाग में कहां-कहां घोटाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान तीन घपले उजागर किए लेकिन कार्रवाई नाममात्र ही हुई।
पहले घोटाले में 20 करोड़ रुपये का घोटाला था लेकिन इसमें एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया और कहा कि वह पैसा लेकर विदेश भाग गया। दूसरा घपला वेरका सेंटर में नंगली ओपन कांप्लेक्स में हुआ, जिसमें जम्मू व अन्य जगह से एक रुपये प्रति किलो घटिया गेहूं लाकर बेचा गया। एएफएसओ खन्ना ने कहा कि तीसरा जंडियाला गुरु में खरीद के दौरान घपला हुआ। इंस्पेक्टर तो निलंबित कर दिए गए मगर आलाधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आला अधिकारी पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक चार्जशीट थमा दी गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी जान खतरे में डालकर उक्त घपलों के खिलाफ आवाज उठाई मगर किसी ने उनका साथ नहीं दिया।