चंडीगढ़। सेक्टर-26 के आढ़तियों के लिए राहत भरी खबर है। मंडी से आढ़तियों को शिफ्ट कर सेक्टर-39 शिफ्ट करने काम तेज कर दिया गया है। इसके लिए प्रशासन यूटी की पॉलिसी तैयार कर रहा है। फिलहाल प्रशासन आढ़तियों को लीज पर दुकानें आवंटित करेगा। स्थायी दुकानें देने के लिए प्रशासन ने केंद्र के पास फाइल भेजी है। वहां से निर्णय होने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंडी को सेक्टर-26 से 39 में शिफ्ट किया जाना है। ऐसे में कितने आढ़तियों को दुकानें आवंटित करनी हैं और कितने फेज में शिफ्टिंग होनी है, इसकी योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा वहां मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी जल्द शुरू की जाएगी। इसमें शौचालय, पेयजल और कैंटीन आदि शामिल हैं। इस माह पॉलिसी बनाकर अगले साल मंडी को शिफ्ट करने के लिए डीसी ने संयुक्त सचिव राजीव तिवारी को निर्देशित किया है।
बॉक्स
वर्ष 2015 में हुआ था शिलान्यास
सितंबर-2015 में सेक्टर-39 में नई मंडी का शिलान्यास किया गया था। प्रशासन ने फरवरी 2016 तक मंडी को शिफ्ट करने का लक्ष्य रखा था। इस दौरान आढ़तियों को स्थायी दुकानें देने की बात आई तो केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मांगी गई लेकिन इसकी फाइल अब तक लंबित है। बढ़ते व्यापारियों के दबाव और सेक्टर-26 में यातायात की अव्यवस्था के बाद इसे यूटी की पॉलिसी के आधार पर ही शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है।
बॉक्स
92 दुकानों का आवंटन हो सकता है यहां
नई मंडी 75 एकड़ में बनी है। सेक्टर-26 की मंडी से यह तीन गुना बड़ी है और यहां 92 दुकानें बनाई गईं हैं। यहां दुकानदारों के लिए 105 फीट चौड़ा और 850 फीट लंबा प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है। इस पर 9 करोड़ 4 लाख रुपये खर्चा आया था। इस कार्य के लिए 100 करोड़ रुपये का कर्जा भी लिया गया था।