बिल्डिंग वॉयलेशन के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने शनिवार को अभियान चलाकर आठ होटलों को सील कर दिया। व्यापारियों ने इस कार्रवाई का विरोधा किया। प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में होटल व्यापारियों ने व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ मिलकर उपायुक्त मोहम्मद शाइन से मुलाकात की।
इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि उनके होटलों में जो वॉयलेशन है, उसके बारे में पहले बताया जाए। कुछ दिन का समय दिया जाना चाहिए। उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि अभियान रोक दिया जाएगा। सोमवार को सभी को वॉयलेशन की जानकारी दे दी जाएगी। उपायुक्त के आश्वासन के बावजूद होटलों को सील करने का अभियान शनिवार शाम चार बजे तक चलता रहा। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने सेक्टर 19 में रोष प्रदर्शन भी किया।
नोटिस दिया नहीं और कर दिया सील
सेक्टर-7 मार्केट के प्रधान अशोक ग्रोवर ने बताया कि 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रशासन की टीम ने उनके होटलों की चेकिंग की थी। उस दौरान कहा गया था कि जिन होटलों में वॉयलेशन है उनको नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद होटलों का वॉयलेशन हटाने के लिए कुछ मौका दिया जाएगा।
इसके बाद यदि होटलों से अतिरिक्त निर्माण नहीं हटाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अशोक ग्रोवर का कहना है कि उन्हें खुद नहीं मालूम कि उनके होटल में क्या-क्या वॉयलेशन है।
यदि वे बता देते तो हम उसे जल्द हटा देते। अशोक ग्रोवर ने कहा प्रशासन की तरफ से उन्हें पहले सूचना देनी चाहिए थी। इसके बाद होटलों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ये होटल किए गए सील
होटल बालाजी सेक्टर-22
होटल शृंगार सेक्टर-19
होटल वेलकम सेक्टर-35
होटल सनवियू सेक्टर-35बी
होटल नीलकमल सेक्टर-7
होटल सुप्रीम सेक्टर-7
होटल डायमंड प्लाजा सेक्टर-22
होटल जिमी सेक्टर-22डी
कोट
बिना नोटिस दिए होटलों को सील करने का तरीका गलत है। व्यापारियों को मालूम ही नहीं है कि उनके होटलों में क्या-क्या वॉयलेशन है। इस अभियान का व्यापार मंडल विरोध करता है।
चरंजीव सिंह, प्रेसिडेंट, व्यापार मंडल
कोट
प्रशासन को पहले व्यापारियों को वॉयलेशन के बारे में बताना चाहिए और उसे हटाने के लिए उन्हें समय भी देना चाहिए था। लेकिन, ऐसा कुछ भी किए बिना होटलों को सील करने पहुंच गए। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी हुई है।
संजीव चड्डा, वाइस प्रेसिडेंट, व्यापार मंडल