चंडीगढ़। शहर के बिजली विभाग के निजीकरण का मुद्दा गर्माता जा रहा है। बिजली विभाग के कर्मचारियों की तरफ से बीते कई महीनों से निजीकरण के विरोध में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया।
प्रशासन ने कहा है कि बिजली के निजीकरण का फैसला केंद्र सरकार का है। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन को भी निर्देशों का पालन करना होगा। बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। कर्मचारियों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है कि बिजली के दाम महंगे हो जाएंगे और कर्मचारियों की नौकरी को खतरा, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को निजीकरण से किसी तरह की कोई समस्या नहीं आएगी। न ही उनके सर्विस में कोई बदलाव होगा, बल्कि उनकी स्थिति और बेहतर होगी। किसी को भी चंडीगढ़ से बाहर नहीं भेजा जाएगा, न ही किसी का ट्रांसफर होगा। बयान में कहा गया है कि निजीकरण को लेकर फैले भ्रम के लिए कर्मचारी यूनियन के साथ बैठकें की जा रही हैं।