चंडीगढ़। गत सप्ताह वीरवार को हुई बारिश के दौरान हाईकोर्ट परिसर में जलभराव व पार्किंग के निकट बनी विकट स्थिति पर लिए गए संज्ञान मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम को जल निकासी की व्यवस्था को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही इस मामले में अदालत की सहायता के लिए सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता को कोर्ट मित्र नियुक्त किया है।
लगातार बारिश के चलते गत सप्ताह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में पानी भर गया था। पार्किंग से कोर्ट परिसर तक आने के लिए लोगों व वकीलों को जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। इस स्थिति के बारे में बार एसोसिएशन ने बेंच को सूचित किया और बताया कि पार्किंग में जल भराव के कारण जाम की स्थिति बन गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान ले लिया था।
जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर ने कहा कि जल निकासी के इंतजाम की जिम्मेदारी नगर निगम व प्रशासन की है जो इसमें बिल्कुल नाकाम साबित हुए हैं। हाईकोर्ट की इमारत धरोहर है और ऐसे में यह हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ तीनों के लिए बेहद मायने रखती है। इसके बावजूद जल निकासी की व्यवस्था न होने के चलते कोर्ट परिसर में हालात बिगड़ गए।
हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार के हालात बारिश के कारण बने हैं, उससे न्याय की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कई मामलों में वकील जाम में फंसने के कारण पेश नहीं हो पाए जिसके चलते उन मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। अधिकतर मामलों में अदालत में केस की सुनवाई को बाद में रखने का आग्रह किया गया क्योंकि वकील जाम में फंसे थे। ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया नगर निगम और प्रशासन को लापरवाह मानते हुए मामले का संज्ञान लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया था। अब स्वयं संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन व नगर निगम को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।