चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने 5जी के लिए केंद्र सरकार के इंडियन टेलीग्राफ राइट ऑफ वे (संशोधन) नियम 2022 को अपना लिया है। मंगलवार को इस संबंध में फैसला लिया गया। इसके तहत फैसला लिया गया है कि कंपनियों को विभिन्न तरह की मंजूरी के विभागों के चक्कर न काटना पड़े, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा।शहर में जियो कंपनी ने 5जी सेवाएं शुरू कर दी हैं और अन्य कंपनियां भी जल्द शुरू करने को तैयार हैं। कंपनियां शहर में नियमों के तहत काम कर सकें, इसके लिए ही इंडियन टेलीग्राफ राइट ऑफ वे (संशोधन) नियम 2022 को अपनाया गया है। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स को तेजी से सभी तरह की मंजूरी मिल सके इसके लिए इंटरनल पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है। बीते दिनों इसको लेकर आईटी विभाग के सचिव नितिन कुमार यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें ट्राई की तरफ से कराए गए कई पायलट प्रोजेक्ट की फाइंडिंग्स पर चर्चा हुई थी। बैठक में 5जी को लागू करने में आने वाले तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की गई थी। इसमें पोल की साइट्स, ऊंचाई, वजन समेत अन्य पर विस्तार में चर्चा हुई थी।