चंडीगढ़ प्रशासन नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड बढ़ाने के लिए तैयार हो गया है। डीसी कार्यालय ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जिसके अनुसार 5 वार्डों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में वार्ड 26 से बढ़कर 31 हो जाएंगे। प्रशासन यह प्रस्ताव 3 अगस्त को राज्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक करके पास करेगा। प्रशासन ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसमें यह निर्णय लिया है कि कौन कौन से नए वार्ड बनाए जाएंगे।
भाजपा के सुझाव पर ही प्रशासन वार्ड बढ़ाने के लिए तैयार हुआ है। प्रशासन अब तक वार्ड बढ़ाने के लिए इसलिए तैयार नहीं हो रहा था। क्योंकि नए सिरे से वार्डबंदी के लिए प्रशासन के पास समय नहीं था। लेकिन अब यह प्रस्ताव बना है कि जनसंख्या के आधार पर वार्डों की संख्या बढ़ाई जाए। ऐसे में 15 से 20 हजार जनसंख्या के आधार पर एक वार्ड बनेगा। जबकि इस समय शहर में चंद वार्ड ऐसे हैं जिनकी, जनसंख्या 30 हजार तक है। ऐसे में 2011 की जनसंख्या के आधार पर ही नए वार्ड बनाए जाएंगे।
वार्ड बढ़ाने के लिए भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और मेयर अरुण सूद ने प्रशासन के अधिकारियों पर लगातार दबाव बनाया हुआ है। इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठकें भी हो चुकी है। जिसके बाद तय हुआ है कि वार्डों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य चुनाव आयुक्त के सामने रखा जाएगा।
महिलाओं और आरक्षित वार्ड भी बढ़ेंगे
वार्ड की संख्या 31 होने पर महिला और आरक्षित वर्ग के लिए रिजर्व वार्डों की संख्या भी बढ़ जाएगी। ऐेसे में महिलाओं के लिए रिजर्व वार्ड की संख्या 9 से बढ़कर 10 हो जाएगी। जबकि एक आरक्षित वार्ड भी बढ़ सकता है। इनके लिए चुनाव आयोग की ओर से अक्तूबर में ड्रा निकाला जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार कुछ वार्ड ऐसे बन सकते हैं!
नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था और मेयर अरुण सूद की प्रेसवार्ता
भाजपा क्यों वार्ड बढ़वाना चाहती है
अगर वार्ड नहीं बढ़ते तो पुरानी वार्डबंदी के आधार पर आरक्षित वार्ड तय होंगे। ऐसा होने पर मेयर अरुण सूद की सीट सहित 5 सीटें इस बार रिजर्व होनी हैं। इन 5 सीटों पर इस समय 5 जनरल कैटेगरी के भाजपा पार्षद विराजमान हैं। ऐसे में अगर जनसंख्या के आधार पर वार्ड बढ़ते हैं तो नए सिरे से वार्ड आरक्षित होंगे। ऐसे में 31 में से वह वार्ड आरक्षित होंगे, जिनमें सबसे ज्यादा आरक्षित जनसंख्या होगी। ऐसे में अभी जो वार्ड रिजर्व होने हैं उन पर लटकी तलवार हट जाएगी। साथ ही फायदा होगा कि भाजपा, कांग्रेस और बसपा को अपने 5-5 और उम्मीदवारों को टिकट देकर एडस्ट करने का मौका मिलेगा।
लेकिन यह नहीं होगा
बेशक वार्ड बढ़कर 31 हो जाएं लेकिन धनास की पुनर्वास कॉलोनी और मौलीजागरां के पार्ट-2 के फ्लैट निवासी नगर निगम के एरिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में यहां पर रहने वाले मतदाता नगर निगम चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। जबकि यहां पर रहने वाले निवासी इसकी मांग कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार ये दोनों एरिया अभी रेवन्यू रिकॉर्ड में ग्रामीण है।
प्रस्ताव के अनुसार कुछ वार्ड ऐसे बन सकते हैं
प्रशासन की ओर से जो नए वार्ड बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें रामदरबार के फेज-1 और दो को अलग अलग बांट दिया है। जबकि इस समय रामदरबार और हल्लोमाजरा एक वार्ड है। प्रस्ताव के अनुसार रामदरबार कॉलोनी के फेज-1 को 31 और 47 के साथ जोड़कर एक वार्ड बनाया जा रहा है। जबकि रामदरबार कॉलोनी के फेज-2 को हल्लोमाजरा के साथ जोड़कर अलग वार्ड बनाया जा रहा है। जबकि सेक्टर-48 और 49 को जोड़कर एक वार्ड बनाया जा रहा है। इसी तरह से मनीमाजरा में इस समय दो वार्ड है जिनके तीन वार्ड बनाए जा रहे हैं। जबकि बुडै़ल को सेक्टर-45 से अलग करके अलग वार्ड बनाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार सेक्टर-28 और 29 का अलग वार्ड बनाया जा रहा है जबकि पहले सेक्टर-28 का वार्ड सेक्टर-27 के साथ शामिल है। इसी तरह से वार्ड नंबर-5 से धनास को सेक्टर-25 से अलग करने का प्रस्ताव है।
कोट
वार्ड बढ़ने चाहिए। इसके लिए प्रशासन से बात हो चुकी है।
-मेयर अरुण सूद, मेयर, चंडीगढ़।