एडीजी अपराध एवं कानून-व्यवस्था मोहम्मद अकील
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जाट समाज का धरना खत्म कराने के लिए भले ही पहले प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को कानून के दायरे में रहकर पूरा करने का आश्वासन दिया हो, लेकिन एडीजीपी (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) मोहम्मद अकील का कहना है कि न तो उपद्रवियों पर दर्ज मुकदमे खत्म होंगे और न ही उनकी गिरफ्तारियां बंद की जाएंगी।
प्रदेश भर में दर्ज सभी एफआईआर की स्टेटस रिपोर्ट न्यायिक अधिकारियों के पास भेजी जा रही है। सारी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत कानूनी दायरे में की जा रही है। कहा कि आंदोलन की हिंसा में मारे गए 30 लोगों में से केवल 9 लोग निर्दोष थे। उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बता दें कि यशपाल मलिक का दावा है कि उन्होंने हिंसा में मारे गए सभी लोगों को मुआवजा देने के सरकारी आश्वासन के बाद धरना खत्म करवाया है। उन्होंने मांगें नहीं मानने पर 31 अगस्त के बाद फिर से आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
एडीजीपी मोहम्मद अकील जाट समाज के आंदोलन को शांतिपूर्ण खत्म कराने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की हौसला आफजाई के लिए मंगलवार को रोहतक आए थे। एडीजीपी ने पहले कैनाल रेस्ट हाउस में स्थानीय पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक करने का उद्देश्य उनके काम की सराहना करना था।
आंदोलन इतने शांतिपूर्ण तरीके से निपटा कि न तो जनता को परेशानी हुई और न ही प्रदेश में हिंसा का कोई मामला सामने आया। बताया कि एसपी ने धरना खत्म होने पर फोर्स की सराहना करने की अपील की थी। इसी के चलते वह रोहतक आए थे। शाम को ही वह मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। उनके साथ आईजी संजय कुमार और एसपी शशांक आनंद भी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
पुलिस के पास वर्दी के साथ हथियार भी हैं...
एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर मो. अकील की प्रेस वार्ता
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एडीजीपी ने बातों ही बातों में आंदोलन के दौरान उपद्रव के आरोपियों की गिरफ्तारी का विरोध करने वालों को चेता भी दिया। कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। इसीलिए पुलिस को वर्दी के साथ ही हथियार भी दिये गए हैं, ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जा सके।
एडीजीपी ने पुलिस बल को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यालय की ओर से जिला पुलिस को धरने के दौरान मांग के अनुसार सभी उपकरण मुहैया कराए गए। कहा कि एसपी की तरफ से जो भी मांग की गई वह समय रहते पूरी की गई। वह लिस्ट देते रहे हम मांगें पूरी करते रहे। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी और लूटपाट के मामले में दर्ज एफआईआई में कार्रवाई जारी रहेगी।
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आंदोलन से सीख लेने की जरूरत
एडीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पुलिस को आंदोलन के शांतिपूर्ण निपट जाने के बाद यह नहीं समझना चाहिए कि यह हमेशा के लिए खत्म हो गया। ऐसे आंदोलनों से सीख लेनी लेने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि उनका फोर्स से मिलने का एक और उद्देश्य था कि वह सुरक्षाकर्मियों से मिलकर कुछ सीख ले सकें। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों से मिलने के बाद कुछ न कुछ मुझे भी सीखने को मिला।
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आंदोलन के दौरान हुए खर्चे का आकलन शुरू
पुलिस मुख्यालय की ओर से आंदोलन के दौरान हुए खर्चे का आकलन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए सभी बिलों को इकट्ठा किया जा रहा है। एडीजीपी ने बताया कि अभी तक खर्चे का सही आकलन नहीं हो सका है। अर्द्धसैनिक बलों का खर्च केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है जबकि उसके अलावा हुए खर्चे के बिल एकत्रित किए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे खर्च का ब्यौरा तैयार कर सार्वजनिक किया जाएगा।
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जिले में आज से टुकड़ियों में हटेगी फोर्स
जाट आंदोलन के संबंध में जिलेभर में कई महीनों से तैनात अर्द्धसैनिक बल और सेना के जवानों को बुधवार से हटाना शुरू कर दिया जाएगा। एडीजीपी के अनुसार जिलेभर से एक साथ सारी फोर्स को नहीं हटाया जाएगा। फोर्स को टुकड़ियों में हटाया जाएगा, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में फोर्स की तैनाती बनी रहे।
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यशपाल मलिक पर बोले कि जांच के बाद ही कार्रवाई
एडीजीपी ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मामले में कहा कि अभी जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही गिरफ्तारी हो सकेगी।