चंडीगढ़। शहर में विभिन्न कंपनियों की चल रही अवैध बाइक टैक्सी पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने सख्ती करना शुरू कर दिया है। बुधवार को 30 बाइक चालकों के चालान काटे गए, जिसमें से तीन बाइकों को मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) के आदेश पर जब्त कर लिया गया। इन सभी का चालान निजी नंबर प्लेट पर व्यावसायिक गतिविधि करने के लिए काटा गया है। सभी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एसटीए के अनुसार शहर में जितनी भी बाइक टैक्सियां चल रही हैं वो सभी अवैध हैं, क्योंकि एसटीए की तरफ से किसी भी कंपनी को बाइक टैक्सी चलाने के लिए लाइसेंस नहीं दिया गया है। ये सभी बाइकें सफेद नंबर प्लेट पर चल रही हैं, जबकि नियमों के अनुसार सफेद नंबर प्लेट पर व्यावसायिक गतिविधि नहीं की जा सकती है। उसके लिए अलग से एसटीए की तरफ से पीली नंबर प्लेट जारी की जाती है। कैब चालकों की विभिन्न यूनियन कई महीनों से बाइक टैक्सियों पर लगाम लगाने की मांग कर रही थी। बीते दिनों एसटीए के अधिकारियों के साथ कई कैब चालकों की यूनियन ने संयुक्त बैठक भी की थी। इसके बाद ही बुधवार को एमवीआई रविंद्र सैनी ने जांच की और 30 बाइकों का चालान काटा, जिसमें से तीन बाइकों को जब्त कर लिया गया। एसटीए की तरफ से बताया गया कि आने वाले दिनों में भी चालान काटने का अभियान जारी रहेगा।
लोगों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़
जांच के दौरान पाया गया कि शहर में कई ऐसी बाइकें भी बाइक टैक्सी के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका है और वह सड़क पर चलने योग्य भी नहीं हैं। ऐसे में यह लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है। बता दें कि कई एग्रीगेटर कंपनियां निजी नंबर प्लेट व टेंपरेरी नंबर प्लेट पर बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति दे रही हैं जबकि ये पूरी तरह से अवैध है। इसे लेकर एसटीए ने 26 अगस्त 2022 को ओला-उबर को नोटिस भेजा है और सभी बाइक टैक्सी को बंद करने के आदेश दिए थे। नोटिस में कार्रवाई की भी बात कही गई थी, लेकिन कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ा।