एनजीटी ने अपने निर्देश में साफ कहा है कि एक्शन प्लान को लागू करने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर एडवाइजर की होगी। यदि एक्शन प्लान सही तरीके से लागू नहीं हुआ तो उसकी जिम्मेदारी एडवाइजर की मानी जाएगी। एक्शन प्लान में प्रदूषण के विभिन्न सोर्स की जानकारी देनी और उससे निपटने, मॉनीटरिंग व जागरूकता पर उठाए जाने वाले कदमों का उल्लेख करना होगा। पिछले महीने हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वायु प्रदूषण से संबंधित शिकायतों के लिए एक आनलाइन पोर्टल बनाना होगा और उसका निपटारा भी समयबद्ध करना होगा। इस पर चंडीगढ़ प्रशासन को काम करना होगा।
102 शहरों में एक्शन प्लान तैयार करने को कहा
एनजीटी ने पिछले महीने 102 शहरों को एयर क्वालिटी को मेनटेन करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे। ये वे शहर हैं, जो एयर क्वालिटी के राष्ट्रीय मानक को मेनटेन नहीं कर पा रहे थे। इसमें चंडीगढ़ सहित पूरे देश के 102 शहर शामिल हैं। चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स कभी बढ़ता है तो कभी घटता है। खासकर सर्दियों और दिवाली के वक्त चंडीगढ़ की हवा खराब होती है। पिछले साल भी यहां के हालात काफी खराब हो गए थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यहां पर जल्द नहीं चेता गया तो आने वाले कुछ साल में यहां के हालात भी खराब हो सकते हैं। ऐसे में समय रहते एक्शन प्लान तैयार और उसे लागू करना जरूरी है।
एनजीटी के निर्देशानुसार एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। हालांकि, इस दिशा में डिपार्टमेंट पहले से ही काम कर रहा है। सर्दियों में थोड़ा प्रदूषण बढ़ता है। फिलहाल चंडीगढ़ की स्थिति ठीक है। -देबिंदर दलाई, आईएफएस व वीसी चंडीगढ़ पाल्यूशन कंट्रोल कमेटी