सेफ सिटी फॉर वुमेन विषय पर एक्शन प्लान तैयार करने के लिए पीयू में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान पूर्व न्यायाधीश गुजरात एम मोहिंदर पाल ने कहा कि महिला व लड़कियों को सम्मान से जीने का अधिकार है। यह अधिकार सार्वजनिक व निजी क्षेत्र दोनों के लिए है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जिस तरह से वास्तव में सिटी ब्यूटीफुल था, उस दिशा में फिर से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने सुरक्षा प्लान पर फोकस किया।
लिंग संतुलन पर देना होगा जोर
डिपार्टमेंट सेंटर फॉर वुमेन स्टडीज एंड डेवलपमेंट व ब्रिटिश उच्च उच्चायुक्त की ओर से संयुक्त कार्यक्रम किया गया। इस दौरान एक्शन प्लान पर काम करने के लिए कहा गया। चंडीगढ़ की महिलाओं और लड़कियों को हिंसा से सुरक्षित रखने की योजना रखी गई। ब्रिटिश उच्चायुक्त एंड्रयू आयरे ने अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्थिति कुछ लोगों की ठीक न होने के कारण भी हिंसा में वृद्धि हुई है। उन्होंने एक समान व न्यायपूर्ण शहर की आवश्यकता पर बल दिया।
सभी के लिए कार्ययोजना शुरू करने के लिए इस पहल को सराहा। उन्होंने लिंग संतुलन पर जोर दिया। चेयरपसैन बीबी हरजिंदर कौर ने एक्शन प्लान पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि महिलाएं सिटी ब्यूटीफुल में भी अपने को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को सोचना होगा। एक अच्छे समाज का निर्माण करना होगा। वीसी प्रो. राजकुमार ने प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। एक्शन प्लान के क्रियान्वयन करने व उसके लिए समय रेखा तय करने के बारे में भी बताया।