चंडीगढ़। महिला का एटीएम धोखे से लेकर कार्ड से आठ हजार रुपये निकालने के आरोप गिरफ्तार किए आरोपी को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले व्यक्ति की पहचान कालू प्रसाद के रूप में हुई है। मामले में करीब पांच साल तक चली अदालती कार्रवाई के दौरान केस फैसले पर तब पहुंच गया जब पीड़िता महिला ने उसकी शिकायत पर गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचानने से इन्कार कर दिया। एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज समेत पुलिस ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई जो यह साबित कर सके कि उक्त वारदात को अंजाम गिरफ्तार किए आरोपी नहीं दिया है, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। मामले में इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने पुलिस ने करीब पांच साल पहले अगस्त 2017 में बरी हुए व्यक्ति को महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार महिला कॉलोनी नंबर-4 में रहती थी। घटना के दिन 16 अगस्त 2017 को वह दोपहर साढ़े तीन बजे कालोनी के पास मौजूद एक्सिस बैंक के एटीएम बूथ से पैसे निकालने गई थी। बूथ में पहले से ही एक व्यक्ति खड़ा था। महिला ने उससे अपने एटीएम कार्ड पैसे निकालने के लिए मदद मांगी। आरोपों के मुताबिक उक्त व्यक्ति ने एटीएम से 8000 रुपये निकालने के लिए महिला को एटीएम का पिन डालने के लिए कहा। पिन डालने पर व्यक्ति ने कहा कि मशीन में सिग्नल नहीं आ रहा है और एटीएम कार्ड उसे वापस कर दिया। फिर व्यक्ति ने अपना एटीएम कार्ड मशीन में डाला और पैसे निकालकर चला गया। महिला को शक था कि उसी के एटीएम कार्ड से पैसे निकाले हैं, तभी उसने पति को फोन किया तो उसने बताया कि मोबाइल पर आठ हजार रुपये निकालने का मैसेज आया है। तभी वह व्यक्ति वहां से चला गया। महिला ने घटना की सूचना पुलिस को दी थी।