चंडीगढ़। महिला से 2.21 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में जिला अदालत ने आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दिल्ली निवासी आरोपी टीनू यादव के खिलाफ मलोया थाना पुलिस ने डड्डूमाजरा निवासी रिशु मेहता की शिकायत पर फरवरी 2022 में केस दर्ज किया था।
बचाव पक्ष के वकील दीक्षित अरोड़ा ने अदालत में दलील दी कि पुलिस ने उनके मुवक्किल टीनू यादव के खिलाफ झूठा केस दायर कर उन्हें गिरफ्तार किया है। जो आरोप उन पर लगे थे वह अदालत में साबित नहीं हुए। वहीं, शिकायतकर्ता ने भी आरोपी को कोर्ट में नहीं पहचाना। इसके बाद अदालत ने टीनू को बरी कर दिया।
डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी रिशु मेहता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 25 दिसंबर 2021 को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें 3-4 बार फोन किया कि और झांसा देकर उनके क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी ले ली। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से पहली बार में 1,00,793 और दूसरी बार में 1,00,793 और तीसरी बार में 20,200 रुपये की ट्रांजेक्शन कर ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को 27 दिसंबर को ठगी की सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच के बाद 28 फरवरी को केस दर्ज किया था और आरोपी टीनू को 04 मई 2022 को गिरफ्तार किया गया था।