पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अपने चाचा मनप्रीत सिंह बराड़ के साथ मिलकर सेक्टर-17 में इमिग्रेशन ऑफिस चलाता था। यह सोशल मीडिया के जरिए लोगों का स्टडी वीजा लगवाने का झांसा देते थे। साथ ही एजुकेशन लोन कराने का भी वादा करते थे। बाद में फर्जी ऑफर लेटर देकर लोगों के साथ ठगी करते थे। विदेश जाने की इच्छा रखने वाले युवकों के वीजा लगवाने के बजाय उनका पासपोर्ट अपने पास रखकर उनसे जबरन पैसा वसूलते थे।