चंडीगढ़। एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पकड़े गए आरोपी को जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले युवक की पहचान मलोया निवासी 23 वर्षीय सन्नी के रूप में हुई है। युवक को पुलिस ने जलाई 2022 में गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी युवक के वकील ने बताया कि उनके मुवक्किल को केस में फंसाया गया है। पुलिस ने केस में अपहरण और दुष्कर्म की धारा लगाई गई है जबकि नाबालिग न तो युवक के पास से बरामद हुई और न ही पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया। पुलिस के पास ऐसा कोई भी सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि आरोपी सन्नी दोषी है। मामले में सामने आए तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी युवक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
बता दें कि पीड़ित की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 13 जुलाई 2022 को घर से बाहर गई थी लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आई। उन्होंने बेटी को तलाशने का काफी प्रयास किया किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसी बीच तीन दिन बाद लड़की घर लौट आई। परिजन उसे लेकर मलोया थाने पहुंचे। पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि सन्नी उसे साथ ले गया था। उसने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया। बाद में इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।