-करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा
-
जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। ईडी ने ओसवाल ग्रुप से जुड़ी करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग में आरोपी अर्पित राठौर को गिरफ्तार किया है। एक खतरनाक गिरोह की परतें खोली हैं। आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराकर ठगी करता था।
ईडी के अनुसार गिरोह फोन कॉल के माध्यम से लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देता और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करोड़ों रुपये वसूलता था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने कुल 8.73 करोड़ रुपये की ठगी की। इस हाई-प्रोफाइल ठगी का शिकार प्रसिद्ध उद्योगपति एसपी ओसवाल भी बने जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई।
ठग पीड़ितों को कहते थे कि वे सीबीआई की निगरानी में हैं, कैमरा चालू रखने का दबाव बनाया जाता और मानसिक रूप से डराकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। कई पीड़ित घंटों तक इस डिजिटल अरेस्ट में फंसे रहे।
म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल
ठगी की रकम छुपाने के लिए फ्रोजनमैन वेयरहाउस सहित कई म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। ईडी ने बताया कि राठौर का नेटवर्क विदेशों तक फैला था। वह विदेशी साइबर ठगों के साथ मिलकर क्रिप्टोकरेंसी और नकद में कमीशन लेकर पैसे विदेश भेजता था। ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। मामले से जुड़े कई और नाम, फर्जी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय लिंक जांच के घेरे में हैं। आने वाले दिनों में बड़ी गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई होने की संभावना है।