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Chandigarh News: महात्मा गांधी संस्थान में एसी कंप्रेसर फटा, मरम्मत कर रहे तीन कर्मचारी झुलसे

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चंडीगढ़। सेक्टर-26 के महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में बीते बुधवार की शाम सेंट्रल एसी कंप्रेसर की मरम्मत के दौरान हुए तेज धमाके में तीन कर्मचारी झुलस गए। सबसे अधिक झुलसे कर्मचारी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया जबकि दो अन्य भी घायल हो गए। धमाके की तेज आवाज से संस्थान में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी मौके की ओर दौड़ पड़े। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
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पुलिस के मुताबिक हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ। घायलों की पहचान खरड़ के रहने वाले जश्नदीप और बलौंगी निवासी पंकज व कृष्ण के रूप में हुई है। तीनों मोहाली की स्मार्ट कॉल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत हैं। कंपनी के पास संस्थान के सेंट्रल एसी सिस्टम के रखरखाव और मरम्मत का वार्षिक अनुबंध है।

सबसे आगे काम कर रहे जश्नदीप सबसे अधिक झुलसे
तीनों कर्मचारी नियमित प्रक्रिया के तहत संस्थान के रिसेप्शन पर एंट्री दर्ज कराने के बाद छत पर लगे सेंट्रल एसी यूनिट की मरम्मत के लिए पहुंचे थे। काम के दौरान अचानक कंप्रेसर में तेज धमाका हो गया। सबसे आगे काम कर रहे जश्नदीप इसकी सीधी चपेट में आ गए। उनके चेहरे, हाथ, पेट और पैरों पर गंभीर झुलसने की चोटें आईं। पीछे खड़े पंकज और कृष्ण भी धमाके से घायल हो गए, हालांकि उन्हें अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं।
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पहले जीएमसीएच-32, फिर जीएमएसएच-16 भेजा गया
हादसे के तुरंत बाद संस्थान के कर्मचारियों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। तीनों घायलों को पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच)-32 ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (जीएमएसएच)-16 रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

तकनीकी खराबी या सुरक्षा में चूक, दोनों पहलुओं पर जांच
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-19 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में कंप्रेसर के भीतर अत्यधिक दबाव बनने से ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस केवल तकनीकी खराबी तक जांच सीमित नहीं रख रही। यह भी देखा जा रहा है कि मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, कर्मचारियों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण थे अथवा नहीं और ठेका कंपनी ने कार्यस्थल सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया था या नहीं। पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों और संस्थान प्रबंधन से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
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