चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के यूआईएलएस में एलएलएम के दाखिले में धांधली का आरोप लगाते हुए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने डायरेक्टर ऑफिस के घेराव के बाद कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण में जांच कर करवाई की मांग की।
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री आदित्य तकियार ने पीयू में प्रेसवार्ता कर बताया कि तीन अक्तूबर को यूआईएलएस विभाग में एलएलएम के दो साल वाले कोर्स में चयनित होने वाले विद्यार्थियों की सूची विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड की गई। उस सूची की एडवोकेट और ज्यूडिशियल कोटे में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की सूची लगाई गई थी। इसमें सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए केवल 13 सीटें उपलब्ध हैं लेकिन उस सूची के अंतिम पेज में एक अलग से बॉक्स बनाकर आयुष खटकड़ को सामान्य श्रेणी में सम्मिलित करते हुए एक सीट आवंटित गई है। जब सामान्य श्रेणी की सीटें 13 विद्यार्थियों के लिए हैं तो आयुष खटकड़ के लिए अलग से बॉक्स बनाकर एक सीट सामान्य वर्ग में क्यों दी गई। इस अधिसूचना को आधार मानकर पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष आयुष खटकड़ ने सात अक्तूबर तक दाखिला एलएलएम में ले लिया। इसके बाद 12 अक्तूबर को पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में उन्होंने अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन भर दिया। ठीक उसके बाद 17 अक्तूबर 2022 को पीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर एलएलएम के लिए चयनित हुए विद्यार्थियों की एक और मेरिट लिस्ट जारी की गई। उस मेरिट लिस्ट की अधिसूचना के अंतिम पेज पर अधिवक्ता और ज्यूडिशियल ऑफिसर की कैटेगरी में एक बार फिर से उसी श्रेणी के लिए आयुष खटकड़ का नाम सूची में आ गया। इसी के साथ 2 और नाम भी उस सूची ऐसे दिए गए जिनकी मेरिट में अच्छे नंबर हैं लेकिन उन विद्यार्थियों के नाम सूची से गायब थे।
पीयू की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल
यह दोनों नोटिफिकेशन पंजाब विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती हैं। इसके साथ ही एबीवीपी ने आयुष के दाखिले को लेकर कई सवाल खड़े किए। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस पूरे मामले में यूआईएलएस के डायरेक्टर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनाव में उन्होंने डीआर पद के लिए केवल सीवाईएसएस के प्रत्याशियों के ही नामांकन स्वीकार किए। मामले में एबीवीपी ने डायरेक्टर पर कार्रवाई की मांग करते हुए जांच की मांग की है।