चंडीगढ़। ऑपरेशन सेल ने झपटमारी के दो मामलों में दस साल से फरार चल रहे एक भगोड़े गुरप्रीत सिंह उर्फ सन्नी (37) को जीरकपुर के जरनैल एनक्लेव फेज-2 से गिरफ्तार किया है। आरोपी अंबाला के दयाल बाग का निवासी है। वीरवार को उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
16 फरवरी 2006 को पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-22/बी निवासी सरोज उप्पल ने बताया था कि वह किसी काम से रिक्शा से सेक्टर-35 की मार्केट जा रही थी। इसी बीच स्कूटर सवार दो युवकों ने 10 हजार रुपयों से भरा पर्स झपट लिया था। सेक्टर-17 पुलिस ने मामला दर्ज कर बाद में गुरप्रीत सिंह उर्फ सन्नी को गिरफ्तार कर लिया था। जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद वह दोबारा पेशी पर नहीं गया। 26 फरवरी 2011 को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था।
वहीं, 6 अप्रैल 2006 को सेक्टर-7/बी निवासी कर्मजीत कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह सेक्टर-8 की मार्केट में दवा लेने गई थी। इसी बीच स्कूटर सवार दो युवकों ने उनका पर्स छीन लिया था। पर्स में छह एटीएम कार्ड, 770 रुपए नगदी समेत कागजात थे। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर बाद में आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ सन्नी को गिरफ्तार कर लिया था।
गुरप्रीत उर्फ सन्नी के खिलाफ 6 अप्रैल 2007 को अंबाला स्थित महेश नगर थाने में आईपीसी की धारा 387,34 के तहत भी केस दर्ज था। 5 अप्रैल 2007 को शिकायतकर्ता सुनील सेठी ने बताया था कि वह अंबाला में प्रॉपर्टी डीलर है। गुरप्रीत उर्फ सन्नी ने उससे 50 हजार की फिरौती मांगी थी और रुपये न देने पर जान से मारने की धमकियां भी दी थीं। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद सन्नी को उसके साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इस केस में सन्नी को 11 नवंबर वर्ष 2010 को अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।