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भ्रूण के मनोविकृत होने पर दी जा सकती है गर्भपात की अनुमति : हाईकोर्ट

Sun, 20 Oct 2019 03:23 AM IST
Mohit Mudgal विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला के गर्भ में मौजूद 24 सप्ताह तीन दिन का गर्भ गिराने की अनुमति दे दी है। महिला के गर्भ में मौजूद भ्रूण के मनोविकृत होने के चलते मेडिकल बोर्ड की राय के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।

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याचिका में महिला ने बताया था कि मेडिकल जांच में सामने आया है कि उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण की मनोस्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसे गर्भपात की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट के आदेश पर मामले में मेडिकल जांच के लिए चार डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित किया गया जिसने महिला के गर्भ की जांच की। 

जांच के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में भी बताया गया कि भ्रूण ऐसे मनोरोग या असामान्य स्थिति में है, जिसके चलते वह सही जीवन नहीं जी सकता। ऐसे में मेडिकल बोर्ड ने गर्भ गिराने की सिफारिश की। इन प्रक्रिया के चलते गर्भ की आयु 24 सप्ताह से अधिक हो गई। हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई होने वाली संतान सम्मान के साथ जीवन ही नहीं जी सकती तो उस स्थिति में गर्भ को गिराने की अनुमति देने के अतिरिक्त हाईकोर्ट के पास और कोई विकल्प नहीं बचता है।

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