फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आप और कांग्रेस से नहीं परहेज, केजरीवाल और खरगे को खुद देकर आऊंगा न्योता : अभय चौटाला

विज्ञापन
विज्ञापन
18 से 22 सितंबर तक दिल्ली में नेताओं को रैली का निमंत्रण देंगे अभय चौटाला
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव व ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो को आप और कांग्रेस से कोई परहेज नहीं है। वे स्वयं अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करेंगे और उन्हें निजी तौर पर मिलकर निमंत्रण देंगे। उसके बाद वो आएंगे या नहीं आएंगे ये उनका फैसला है। अगर कांग्रेस भूपेंद्र हुड्डा की जिम्मेदारी लगाएगी तो हम उनका भी स्वागत करेंगे।

अभय चौटाला शनिवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। चौटाला ने कहा कि 25 सितंबर को होने वाली सम्मान दिवस रैली को लेकर 18 से 22 सितंबर तक दिल्ली में नेताओं को निमंत्रण देंगे। कांग्रेस हरियाणा की दस की दस लोकसभा सीटों को जीतने में सक्षम होने के हुड्डा के बयान पर चौटाला ने कहा कि अगर ऐसा है तो पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस दस की दस सीटें क्यों हार गई? भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा दोनों बाप बेटा लोकसभा चुनाव क्यों हार गए? ऐसा बयान देने से पहले हुड्डा को कांग्रेस हाईकमान से पूछना चाहिए था।
विज्ञापन

अधिकारिक रूप से आईएनडीआईए में शामिल होने पर पूछे गए सवाल पर अभय सिंह ने कहा कि इस गठबंधन की बुनियाद 25 सितंबर 2022 को फतेहाबाद की सम्मान दिवस रैली में हुई थी। उस समय गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा की विकल्प की बात चल रही थी लेकिन नीतीश कुमार ने कहा था कि बगैर कांग्रेस के कोई भी विकल्प मजबूत नहीं बन सकता और नीतीश कुमार ने ही चौ. ओम प्रकाश चौटाला को इस बात के लिए भी राजी किया था। अब हमें कांग्रेस से कोई परहेज नहीं है। भाजपा को अगर सत्ता से बाहर करना है तो हम सबको स्वार्थ की राजनीति को छोड़ कर संगठित होना पड़ेगा।
विज्ञापन

बाक्स
इनेलो आईएनडीआईए गठबंधन से बाहर नहीं : केसी त्यागी
इस मौके पर इंडिया गठबंधन की रिसर्च टीम के सदस्य एवं जेडीयू के राष्ट्रीय चीफ प्रवक्ता, पूर्व राज्य सभा सांसद केसी त्यागी भी मौजूद रहे। त्यागी ने कहा कि कहा कि 1987 में अगर चौ. देवीलाल के प्रयासों से जनता दल का गठन नहीं होता तो 422 सीटों वाली कांग्रेस को सत्ता से बाहर नहीं किया जा सकता था। पहले गैर कांग्रेसवाद और अब गैर भाजपावाद की नींव रखने वाली जमीन का नाम हरियाणा है। एक सवाल का जवाब देते हुए केसी त्यागी ने कहा कि इनेलो को हमने कभी भी आईएनडीआईए गठबंधन से बाहर नहीं माना है। इनेलो की अपनी एक बड़ी विश्वसनियता है। हरियाणा में इनेलो बड़ी ताकत है और इंडिया गठबंधन मेंं जितने भी दल शामिल हैं लगभग सभी ने चौ. देवीलाल के नेतृत्व में काम किया है। भाजपा जैसी मजबूत और ताकतवर पार्टी को अगर हराना है तो हरियाणा में इनेलो, कांग्रेस और आप को इकट्ठा होना पड़ेगा, क्योंकि छोटे मन से बड़े काम नहीं होते।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें