पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने कहा-जो गांव पिछले वर्ष ग्रीन जोन में थे, उनमें पराली के केस मिले
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदूषण के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदूषण की समस्या पर आंख मूंदे हुए है। किसान पराली प्रबंधन के मामले में दोषी नहीं, बल्कि पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे गांव जो पिछले वर्ष ग्रीन जोन में थे, उनमें पराली जलाने के केस मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से किसानों को न तो कोई मशीनरी और न ही कोई संसाधन मुहैया करवाया गया। इस वजह से ग्रीन जोन के किसान भी पराली जलाने को मजबूर हैं। पिछले वर्ष सोसाइटी बनाकर 80 फीसदी एससी किसानों को पराली निस्तारण यंत्र की सब्सिडी दी गई थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया गया। इस बार किसानों ने सोसाइटी बनाकर सब्सिडी के लिए अप्लाई तो किया, लेकिन कोई भी सब्सिडी नहीं दी गई। 50 फीसदी सब्सिडी वितरण में उच्चाधिकारियों ने मिलकर महाघोटाला किया है। इस बार कृषि बजट में पराली निस्तारण यंत्र सब्सिडी के लिए कोई प्रावधान नहीं था।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने ग्रीन कवर में भी बढ़ोतरी नहीं की है। हरियाणा में देश का सबसे कम साढ़े 3 प्रतिशत ग्रीन कवर है, जबकि दिल्ली में ग्रीन कवर 23 फीसदी है। उन्होंने कहा कि हर साल हरियाणा सरकार घोषणा करती है कि 20 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, 40 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। जोकि सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार किसान विरोधी है। वहीं, डीएपी खाद के वितरण में भी पूरे प्रदेश के किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। अक्तूबर के महीने में हरियाणा को 1 लाख 10 हजार 450 मीट्रिक टन डीएपी के आवंटन की घोषणा की गई, जबकि 6 नवंबर तक 11 हजार 973 मीट्रिक टन डीएपी मिला है और अगले तीन दिन यानी 9 नवंबर तक कुल 19,773 मीट्रिक टन डीएपी मिल जाएगा। वहीं, किसान डीएपी का प्रयोग केवल 15 नवंबर तक कर सकते हैं। पत्रकारवार्ता में पंचकूला जिला अध्यक्ष रंजीत उप्पल और प्रदेश संयुक्त सचिव पुरुषोत्तम सरपंच मौजूद रहे।