संगरूर से 'आप' सांसद भगवंत मान ने अपने ऊपर दर्ज एफआईआर को दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की दलील देकर रद्द करने की अपील करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
साथ ही दोनों पक्षों को 1 अप्रैल या किसी भी दिन ट्रायल कोर्ट या इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर समझौते के तहत अपने बयान दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। इसकी जानकारी 23 अप्रैल को हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। दो सितंबर 2016 को बस्सी पठाना में हुई रैली के दौरान भगवंत मान पर पत्रकारों से बदसलूकी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मान पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने रैली में अपने समर्थकों को पत्रकारों के खिलाफ भड़काया था, जिसके चलते वहां मौजूद पत्रकारों से धक्कामुक्की की गई। इस दौरान एक मीडिया कर्मी का कैमरा भी तोड़ दिया गया था। इसके अलावा भगवंत मान पर पत्रकारों के खिलाफ अपशब्द कहने का भी आरोप है।
अब शिकायतकर्ता और भगवंत मान में समझौता हो जाने के चलते ही सांसद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके अपने खिलाफ दर्ज इस एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।