भुलत्थ से आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने चंडीगढ़ के एसएसपी और कपूरथला के एसएसपी को शिकायत देकर, बीते सप्ताह अपने आवास स्थानों पर छापे मारने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
अपने एक पीएसओ के कोविड पाजिटिव पाए जाने का हवाला देते हुए खैरा ने ईडी की टीम पर उनके परिवार और मुलाजिमों का जीवन खतरे में डालने का आरोप लगाया है और पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
दोनों पुलिस अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में विधायक खैरा ने आरोप लगाया है कि गत मार्च को उनके आवास स्थानों पर छापा मारने वाली टीमों ने कोविड-19 संबंधी एहतियात बरतते बिना उनके परिसरों में प्रवेश किया और कोविड संबंधी तय किए गए एसओपी का पालन किए बिना ही घंटो तक परिसर में हर वस्तु की छानबीन करते रहे।
खैरा ने यह भी लिखा है कि ईडी के अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण उनके एक पीएसओ एएसआई 12 मार्च को कोविड पाजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने लिखा कि ईडी के अधिकारियों ने उनके परिवार और मुलाजिमों का जीवन खतरे में डाल दिया है।
खैरा ने यह लिखा शिकायत में
अपनी शिकायत में खैरा ने कहा है कि 9 मार्च को ईडी की डिप्टी डायरेक्टर नेहा यादव के नेतृत्व में टीम ने उनके चंडीगढ़ सेक्टर-5 स्थित आवास, जिला कपूरथला के गांव रामगढ़ स्थित पैतृक गांव और दिल्ली में स्थित उनके बेटे के ससुराल के आवास पर सुबह 8 बजे छापे मारे। करीब 25-30 पुलिसकर्मियों की टीम ने उनके घर में सैकड़ों वस्तुओं की जांच की, जिनमें अलमारी, दराज, सूटकेस आदि भी शामिल थे।
टीम ने कई घंटों तक उनके कार्यालय के कंप्यूटर का उपयोग किया। ऐसा करते समय टीम ने उनके घर के सभी दरवाज़ों के हैंडल, चाबियों को छुआ, प्रत्येक सामान को भी हाथ लगाए, जो उनके परिजनों और मुलाजिमों पर घातक कोविड-19 वायरस को आसानी से प्रसारित सकते हैं।
खैरा ने शिकायत में आगे कहा है कि उनकी चिंता उस समय बढ़ गई जब गांव रामगढ़ में उनके पैतृक आवास पर ईडी के छापे के बाद उनके पीएसओ एएसआई ओंकार सिंह की 12 मार्च को कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव आई। ओंकार सिंह उक्त छापे की कार्यवाही का हिस्सा थे और उन्होंने ही ईडी की टीम को खाना परोसने का जिम्मा संभाला था।
उन्होंने लिखा कि ईडी की टीम में शामिल अफसरों-कर्मचारियों ने कोविड नियमों का पालन नहीं किया। न तो उन्होंने मास्क लगाए थे और न ही दस्तानें पहने थे और सामाजिक दूरी के नियम का भी खुला उल्लंघन किया गया।