सांसद भगवंत मान को एक बार फिर आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई की कमान मिलेगी। आप की कोर कमेटी ने शुक्रवार को बैठक के दौरान मान का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। साथ ही पॉलिटिकिल अफेयर्स कमेटी से उनकी प्रधानगी बहाल करने की अपील की। बीस जनवरी को बरनाला रैली में आए पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने तभी यह संकेत दे दिया था।
उन्होंने कहा था कि पंजाब इकाई मान के नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव लड़ेगी। गौरतलब है कि पार्टी ने केजरीवाल द्वारा नशे के मुद्दे पर बिक्रम मजीठिया से माफी मांगने के बाद मान ने प्रदेश प्रधानगी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि न तो पार्टी ने उसे स्वीकार किया और न ही कोई नई नियुक्ति की गई। काफी समय तक प्रधान पद अधर में ही रहा।
अब लोकसभा चुनाव के समय पार्टी को नेतृत्व की जरूरत है, इसलिए पार्टी ने मान को कमान सौंपने की तैयारी की है। कोर कमेटी चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्ध राम ने कहा कि मान से अपील की गई है कि वह प्रधान पद स्वीकार कर पार्टी को मजबूत करें। वहीं, मान ने कहा कि वह केजरीवाल से विस्तार से बात करना चाहते हैं कि मजीठिया से माफी मांगने के पीछे उनकी कौन से मजबूरी थी।
वह जल्द ही दिल्ली जा रहे हैं, केजरीवाल से बैठक के बाद ही अगला फैसला लेंगे। मान ने हाईकोर्ट द्वारा बेअदबी मामले में दिए फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब कैप्टन सरकार को जांच में तेजी लानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने बताया कि बैठक में हमख्याली पार्टियों के साथ समझौते पर भी मंथन किया गया।
19 हलकों में प्रधान नियुक्त
कोर कमेटी की बैठक के दौरान 19 विधानसभा हलकों में प्रधान और सह-प्रधान की नियुक्तियों पर भी मोहर लगाई गई। पार्टी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जल्द से जल्द संगठनात्मक ढांचा मुकम्मल करना चाहती है। बैठक में सांसद प्रो. साधू सिंह भी मौजूद थे।