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'आप' के पत्र ने मंत्री के बयान पर उठाए सवाल

Fri, 20 Feb 2015 02:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्र सरकार के भू-अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ हरियाणा में जय किसान अभियान छेड़ रही आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ पर निशाना साधा है। आप ने धनखड़ के उस बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करना प्रदेश नहीं, केंद्र सरकार के हाथ में है। वीरवार को आम आदमी पार्टी के राज्य संयोजक डा. आशावंत और राज्य सचिव परमजीत सिंह ने एक खुला पत्र जारी कर कृषि मंत्री पर आरोप लगाए।
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आरोप लगाया कि कृषि मंत्री ऐसे बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। आप की ओर से पत्र में लिखा गया है कि हरियाणा में मंत्री बनने से पहले धनखड़ भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रधान थे। तब उन्होंने 12-13 मई, 2012 को दिल्ली में किसान परिषद आयोजित की थी। भाकिमो के अध्यक्ष रहते धनखड़ ने ‘यूपीए’ सरकार से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए यात्राएं भी की। इससे पहले 17-18 दिसंबर, 2011 को बंगलूरू में किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी धनखड़ ने प्रस्ताव पास कर कहा था कि किसानों को फसल की लागत से 50 प्रतिशत अधिक भाव दिया जाना चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाना चाहिए।

आप ने अब धनखड़ से सवाल किया है कि भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव के समय जारी किये अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि किसानों को फसलों की लागत से 50 प्रतिशत अधिक भाव दिया जाएगा। यही वादा हरियाणा में विधानसभा चुनाव के समय भी भाजपा ने किया था, लेकिन प्रदेश में सरकार बनने के बाद आठ फरवरी को हरियाणा सरकार की ओर से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की अनुशंसा की गई। सवाल है कि ऐसा क्यों किया गया। आप ने सवाल किया है कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का अधिकार केंद्र सरकार का है, तो धनखड़ जो मांग यूपीए सरकार से कर रहे थे, वह अब मोदी सरकार से क्यों नहीं कर रहे।
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