दिवाली की जगमग रोशनी कहीं आंखों की रोशनी न छीन ले। इसे देखते पीजीआई के एडवांस्ड आई सेंटर ने आंखों से जुड़ी सभी आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर एसएस पांडव ने बताया कि 20 से 22 अक्तूबर तक एक विशेष मेडिकल टीम 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगी। दिवाली के दिन 22 डॉक्टरों की टीम और एक एनेस्थीसिया टीम हर तरह की आपात सर्जरी के लिए तैयार रहेगी।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, हर साल दिवाली पर लगभग 60 से अधिक लोग आंखों की चोटों के साथ यहां पहुंचते हैं, जिनमें से 60–70 प्रतिशत मामलों में गंभीर नुकसान दर्ज किया गया है। संस्थान ने लोगों से अपील की कि वे सजग रहें और बुनियादी सावधानियां अपनाएं।
आपातकालीन संपर्क नंबर
मोबाइल: 9814014464, लैंडलाइन: 0172-2756117
दिवाली पर आंखों की सुरक्षा कैसे करें
- पटाखे जलाते समय 6–8 फीट की सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- स्पार्क्स से बचाव के लिए प्रोटेक्टिव गॉगल्स पहनें।
- बच्चों को कभी अकेले पटाखे न जलाने दें।
- खुले और सुरक्षित स्थान पर ही पटाखे जलाएं।
- नजदीक में पानी की बाल्टी और फर्स्ट एड किट रखें।
- सिंथेटिक कपड़ों के बजाय कॉटन के कपड़े पहनें।
क्या न करें
- आंख में कुछ चले जाने पर रगड़ें नहीं, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
- जलने की स्थिति में मरहम या पानी न डालें सिर्फ हल्के कपड़े से ढकें।
- बिना जले पटाखों को दोबारा न जलाएं। कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर पटाखे न जलाएं।
- आंख को साफ कपड़े से ढकें, उस पर दबाव न डालें और तुरंत पीजीआई या नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- जलते या मिसफायर पटाखों को देखकर न झांकें।