अमृतसर। नव वर्ष के पावन अवसर पर अमृतसर के धार्मिक स्थलों पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं ने श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्ग्याणा मंदिर और शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में माथा टेककर नए साल की शुरुआत की।
घनी धुंध और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। नव वर्ष की पहली किरण से पहले ही संगत तड़के करीब एक बजे से कतारों में लगना शुरू हो गई। वाहेगुरु के जयकारे और गुरबाणी के मधुर स्वर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे थे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी गुरु घर में नव वर्ष पर नतमस्तक होकर आस्था की डोर को सभी उम्र के लोगों तक पहुंचाया।
दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगातार बढ़ता रहा। सरोवर के किनारे मत्था टेकने, अरदास करने और नव वर्ष को सुख-शांति, स्वास्थ्य और सद्भावना के संकल्प के साथ आरंभ करने का दृश्य मनमोहक था। शहर के अन्य मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह की रौनक दिखाई दी।
इस अवसर पर पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल, पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और अभिनेत्री गुरलीन चोपड़ा ने भी श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं
एसजीपीसी ने संगत की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए। रजिंदर सिंह रूबी ने बताया कि मार्गों पर विशेष व्यवस्था और रेड कारपेट की सुविधा बुजुर्गों और बच्चों के लिए सुनिश्चित की गई थी। अमृतसर में नव वर्ष का यह दृश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विश्वास और श्रद्धा के सामने मौसम की कठोरता भी बौनी पड़ जाती है। गुरु की शरण में नव वर्ष की शुरुआत ने श्रद्धालुओं के चेहरे पर सुकून और आशा की झलक छोड़ी।