चंडीगढ़। पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल नंबर-3 की मैस किचन का निरीक्षण करते समय विद्यार्थियों को आटे के कनस्तर में फुदकता हुआ चूहा और सफाई व्यवस्था ध्वस्त मिली।सथ छात्र संघ के विद्यार्थियों ने इस सप्ताह पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल नंबर-3 और गर्ल्स हॉस्टल नंबर-7 का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यार्थियों ने पाया मैस में दो चूहे थे, खाने की प्लेट, सब्जियों को रखने की जगह शेल्फ पर गंदगी जमा रही और शक्कर के लिफाफे में चींटियों का डेरा मिला। गर्ल्स हॉस्टल- 7 में मैस के पास सिगरेट के टुकड़े पड़े मिले। बता दें हाल ही में गर्ल्स हॉस्टल- 3 में वार्षिक समारोह के दौरान मिले खाने से छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग होने का मामला सामने आया जिसकी शिकायत डीएसडब्ल्यू वुमन से की गई थी। इसके अलावा गर्ल्स हॉस्टल- 9 में चपातियों को गैस पर अधिक आंच पर पकाए जाने और कैंटीन का मेन्यू निर्धारित मेन्यू से अलग होने पर भी विद्यार्थियों ने शिकायत दी है। पीयू के डाइटिशियन द्वारा हॉस्टल खाने को लेकर डीएसडब्ल्यू को सौंपी रिपोर्ट में संतोषजनक परिणाम न मिलने वाले हॉस्टल वार्डन से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है। पीयू के 20 हॉस्टल में करीब 7600 विद्यार्थी रह रहे हैं। इनमें से आठ लड़कों, 10 लड़कियों, एक अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी और कामकाजी महिला छात्रावास हैं।
हॉस्टलों में खाद्य सुरक्षा और सफाई पर क्या कहते हैं
आर्ट्स ब्लॉक एक की पानी की टंकी में मिले जानवरों के कंकाल के बाद हॉस्टल विद्यार्थी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंतित हैं। ब्वॉयज हॉस्टल पांच में रह रहे बीएससी प्रथम वर्ष छात्र उत्कर्ष ने बताया कि आर्ट्स ब्लॉक की घटना के बाद उन्होंने वाटर कूलर-नल का पानी पीना बंद कर दिया है और बोतल खरीद कर पानी पी रहे हैं। बीएच-5 के बीटेक तृतीय वर्ष छात्र सचिन कुमार ने बताया मैस में स्वच्छता ठीक रहती है, लेकिन किचन के हाल सही नहीं है। उनके हॉस्टल के पीछे से बीएच-7 को जाने वाले रास्ते से उन्होंने मैस किचन को देखा है जहां स्वच्छता के पर्याप्त मानकों का पालन नहीं होता। गर्ल्स हॉस्टल-छह में रह रही एलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा ने कहा मेस में खाना ठीक मिलता है लेकिन बेहतर सफाई नहीं होती। चावल में कई बार कंकड़-मच्छर आ जाते हैं। गर्ल्स हॉस्टल पांच में रह रही एमएससी द्वितीय वर्ष छात्रा स्वाति ने बताया आर्ट्स ब्लॉक एक की घटना के बाद उन्हें पानी पीने में शंका हो रही थी कि वह साफ है या नहीं। वॉटर कूलर पर साफ होने की तारीख नहीं देखी। जीएच-3 छात्रा आस्था ने बताया हालही में हुए वार्षिक समारोह के दौरान उनकी दो दोस्तों को फूड प्वाइजनिंग हुई जिन्होंने वह खाना खाया था और अन्य ने भी यही शिकायत की। पानी को लेकर उनकी कोई शिकायत नहीं है। उनके हॉस्टल में वाटर कूलर पर आखिरी बार की सफाई और आने वाली तारीख लिखी रहती है।
हॉस्टल की समस्याओं पर पीयू प्रशासन ने ये कदम उठाए
डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो. सिमृत काहलों ने जीएच-3 के फूड प्वाइजनिंग मामले में बताया कि समिति का गठन किया है जो मामले की जांच करेगी। प्रो. सिमृत ने इसे संयोग बताया और कहा कि उन्होंने भी वार्षिक समारोह के दिन मैस का खाना खाया था और उन्हें कुछ नहीं हुआ। जीएच-7 और जीएच-9 से मिली शिकायतों की जांच में मेन्यू बदलने और अधिक दाम को लेकर पुख्ता कुछ नहीं मिला, लेकिन कॉन्ट्रैक्टर को इसे लेकर निर्देश दे दिए गए हैं। मैस में मिले चूहों और ध्वस्त सफाई व्यवस्था पर डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित ने कहा कि यह काम में लापरवाही का नतीजा है और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है। नियुक्त वॉर्डन और मैस सेक्रेटरी को किचन, कैंटीन में सफाई, स्वच्छता और अन्य व्यवस्था की निरंतर जांच करनी चाहिए।
आर्ट्स ब्लॉक एक की पानी की टंकियों की हुई सफाई
शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह आर्ट्स ब्लॉक एक की पानी की टंकियों की सफाई करवाई जा चुकी है। बीते दिन विद्यार्थियों द्वारा टंकियों में जानवर का कंकाल मिलने पर धरना प्रदर्शन किया गया। इस पर कहा जा रहा है कि टंकी में कंकाल की जगह घास इकट्ठा था पर इसकी पुष्टि सोमवार को एक्शन टेकन रिपोर्ट में ही हो पाएगा। हालांकि विद्यार्थियों की बनाई वीडियो में मिट्टी और बंदर का कंकाल दिख रहा है। डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित ने बताया डीयूआई दफ्तर से सभी विभागाध्यक्षों को सफाई को लेकर नोटिस जारी किया है।
कोट -
सोमवार को सभी हॉस्टल वार्डन के साथ बैठक बुलाई गई है जिसमें स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की जाएगी। डीयूआई द्वारा सभी विभाग अध्यक्षों को सफाई को लेकर नोटिस प्रसारित किए हैं। - प्रो. अमित चौहान, डीएसडब्ल्यू