महीनों की कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद मेडिकल में पास होने के बावजूद जरा सी लापरवाही आपको देशसेवा के सपने से महरूम कर सकती है।
खास बात यह है कि युवा अभ्यर्थियों की यह लापरवाही उनके उन जरूरी दस्तावेजों को लेकर है, जिनमें से अधिकांश बेसिक डॉक्यूमेंट हैं। ये डॉक्यूमेंट जन्म प्रमाण पत्र(10वीं की मार्कशीट), डोमिसाइल, कास्ट सर्टिफिकेट, क्वालिफिकेशन और अनमेरिड होने के सर्टिफिकेट हैं।
जिले के राव तुलाराम स्टेडियम में चल रही एआरओ चरखी दादरी की सैनिक भर्ती परीक्षा की बात करें तो अभी तक यहां दौड़ में पास होने वाले अभ्यर्थियों में से 20 फीसदी ही भावी सैनिक वेरिफिकेशन के लिए अपने दस्तावेज जमा कर पाए हैं।
ऐसे में आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिसर भी मान रहे हैं कि अगर दिये समय में दस्तावेज नहीं जमा होते हैं तो फिजिकल और मेडिकल पास करने के बावजूद सैनिक बनने के सपना टूट सकता है।
महेंद्रगढ़ और भिवानी जिले की भर्ती परीक्षा अभी है बाकी
सैनिक भर्ती प्रक्रिया
- फोटो : अमर उजाला
राव तुलाराम स्टेडियम में अभी तक एआरओ हिसार के फतेहाबाद, जींद के सैनिक जनरल ड्यूटी, सैनिक लिपिक/स्टोर कीपर तकनीकी की भर्ती हो चुकी है। वहीं एआरओ चरखी दादरी से रेवाड़ी, भिवानी की दो तहसीलों की भर्ती हो चुकी है।
जबकि 6 अक्तूबर को भिवानी जिले के चरखी दादरी और बाढ़रा तहसील की भर्ती है। वहीं इसके बाद महेंद्रगढ़ जिले के तहसीलों की भर्ती होनी है। ऐसे में इन जिले के युवाओं के लिए पूरे दस्तावेज लाना बेहद जरूरी होगा।
इस बार मेडिकल के फौरन बाद मिल रहा एडमिट कार्ड
पिछली सेना भर्तियों तक जहां फिजिकल और मेडिकल चेकअप में पास होने के बाद 8 से 10 दिन में लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड लेने के लिए बुलाया जाता था। वहीं इस बार सेना भर्ती के दौरान मेडिकल टेस्ट में पास होने के बाद शाम को ही अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड थमाया जा रहा है।
ऐसे में डॉक्यूमेंट भी तत्काल ही चाहिए होते हैं। इसकी जानकारी भी सेना भर्ती कार्यालयों की ओर से पहले ही दी जा चुकी थी। हालांकि युवाओं के भविष्य को देखते हुए अभ्यर्थियों को 48 घंटे का समय ओरिजनल दस्तावेज जमा कराने के लिए दिया जा रहा है।
जालसाजी करने पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
सेना भर्ती
सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी के निदेशक कर्नल राजेश शर्मा बताते हैं कि युवा अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व में हुई भर्तियों में जाली दस्तावेज जमा कराने के कई मामले सामने आए हैं।
ऐसे मामलों में से कई में मजबूरन एफआईआर भी करानी पड़ी थीं। ऐसे में अभ्यर्थियों को चाहिए कि अपने सही दस्तावेजों को सही समय पर जमा कराएं। जाली दस्तावेज पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अभी तक सेना भर्ती के फिजिकल में पास हुए करीब 80 फीसदी युवाओं के दस्तावेज अधूरे हैं। वहीं 5 फीसदी तो ऐसे भी मिले हैं, जिनके पास दस्तावेज थे ही नहीं। दस्तावेज तय समयावधि तक न मिलने पर भर्ती प्रभावित हो सकती है।
-कर्नल राजेश शर्मा, निदेशक, एआरओ चरखी दादरी