चंडीगढ़। यूटी पुलिस के साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोन दिलाने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को दिल्ली से दबोचा है। पकड़े गए जालसाजों की पहचान दिल्ली के उत्तमनगर के रहने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड अभय वर्मा, नजफगढ़ के रहने वाले रितेश और दिल्ली के कोटला विहार के रहने वाले सुमित के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ठगी को अंजाम देने के लिए कॉल सेंटर में इस्तेमाल किए जाने वाले 12 मोबाइल, एक कंप्यूटर और कुछ जाली कागजात बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
सेक्टर 56 के रहने वाले रामचंद्र सिंह ने पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि उसे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह बजाज फाइनेंस कंपनी से बात कर रहा है। उसका पांच लाख रुपये का लोन पास हो गया है। इस पर शिकायतकर्ता ने दो लाख रुपये का लोन लेने के लिए व्हाट्सएप नंबर पर अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड व फोटो भेज दी। पीड़ित ने लोन के लिए पहले 27 हजार 400 जमा करवाए थे लेकिन पैसे जमा करवाने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया।
साइबर सेल ने प्रारंभिक जांच के बाद केस दर्ज करते हुए इंस्पेक्टर रणजीत सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई थी। टीम ने जांच के दौरान 13 जनवरी को दिल्ली के द्वारका में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की, जहां से अभय वर्मा, रितेश और सुमित को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि तीनों आरोपी बजाज फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर लोन देने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे।