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अधिक मुनाफे के लिए पराली को इस किसान ने बनाया हथियार, बिना जलाए जमकर हो रही आमदनी

Tue, 16 Oct 2018 09:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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पराली जलाना
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पराली प्रबंधन पंजाब की बड़ी समस्या है। पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए सरकार किसानों को कई तरह की सहूलियतें दे रही है। लेकिन कई ऐसे किसान हैं जो अपने स्तर पर पराली प्रबंधन का बेहतरीन नमूना पेश कर रहे हैं। ऐसे ही एक किसान हैं लुधियाना के जसप्रीत सिंह गिल। गांव गालिब खुर्द के रहने वाले जसप्रीत सिंह आधुनिक सोच वाले किसान हैं। वो गेहूं की बिजाई हैपी सीडर से करके वातावरण की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया है। 

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यह किसान धान की पराली को जलाये बिना गेहूं की बिजाई हैपी सीडर से करके अपने समय, तेल की बचत के साथ ही अधिक मुनाफा भी प्राप्त कर रहा है। मैट्रिक पास जसप्रीत सिंह ने आधुनिक खेती अपना कर अपनी आर्थिक स्थिति को ही मजबूत नहीं किया बल्कि अपने इलाके के लोगों का मार्गदर्शक भी बने। जसप्रीत सिंह के अनुसार उसका वातावरण से मोह होने के कारण धान की पराली को जलाने का मन नहीं करता था।

 इसलिए उसने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मशीनरी विभाग में राबता कायम किया। उनकी सलाह से हैपी सीडर का इस्तेमाल शुरू किया। जिसके बाद गेहूं की फसल का झाड़ काफी अच्छा रहा। इसलिए वह पिछले कुछ समय से गेहूं की सीधी बिजाई कर रहा है और लोगो को प्रेरित भी कर रहा है। हैपी सीडर से बिजाई की फसल का झाड़ अधिक होता है, दाने मोटे और क्वालिटी बहुत बढ़िया होती है। हैपी सीडर के इस्तेमाल से संतुष्ट होकर इस साल कुछ अन्य किसानों ने मिलकर एक हैपी सीडर मशीन खरीद ली है। 
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जसप्रीत सिंह संत भगवान पूरी किसान क्लब गालिब खुर्द का प्रधान है। वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के किसान क्लब तथा सपना क्लब का मेंबर भी है। अपनी सूझबूझ और कुशलता से वह लोगों को फसल में क्रांति के लिए प्रेरित भी कर रहा है। उनका मानना है कि किसानों को आधुनिक खेती की तरफ आना चाहिए।

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