चंडीगढ़ पीजीआई की चौथी मंजिल से एक प्रोफेसर ने छ्लांग लगाकर जान दे दी। प्रोफेसर की पहचान पंचकूला के सेक्टर 17 निवासी विनोद कुमार (42) के रूप में हुई है। वे कोरोना संक्रमित होने के बाद पीजीआई में भर्ती हुए थे। कोरोना को मात देने के बाद अब उनका पोस्ट कोविड फंगल निमोनिया का इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि विनोद मानसिक तौर से परेशान थे। उनका मनोचिकित्सा विभाग से मानसिक तनाव का इलाज चल रहा था।
गुरुवार दोपहर करीब सवा 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पीजीआई के चौथी मंजिल प्राइवेट वार्ड के कमरा नंबर 24 से एक व्यक्ति ने छलांग लगा दी है। उन्हें पीजीआई की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विनोद मोहाली की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। कोरोना संक्रमित के चलते 11 अप्रैल को वह पीजीआई में भर्ती हुए थे। कोरोना से ठीक होने के बाद 28 अप्रैल को उन्हें आरआईसीयू में प्राइवेट वार्ड नंबर 24 में शिफ्ट किया गया।
इस दौरान उनका पोस्ट कोविड फंगल निमोनिया का इलाज चल रहा था। गुरुवार दोपहर विनोद के परिजन भी उसी वार्ड में थे। तभी विनोद बाथरूम गए और वहां खिड़की से छलांग लगा दी। घटना के बाद पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। वहीं, पुलिस अब मृतक विनोद के परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।