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Chandigarh News: सड़कों पर निकला सुपर बाइकर्स का काफिला, आवाज से गूंज उठा शहर

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चंडीगढ़। शहर में रविवार को करीब 800 बाइकों का काफिला जैसे ही सड़कों पर निकला तो हर कोई इन्हें देखता रह गया। बाइकर्स के पास अधिकांश सुपर बाइक्स थीं। इनमें हार्ले डेविडसन, बुलेट और अन्य स्पोर्ट्स बाइक भी थी। यह बाइकर्स जहां-जहां से गुजरे वहां लोग इन्हें देखने के लिए रुक जाते थे। यह आठवें मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज था, जिसे पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने हरी झंडी दिखाई थी। प्रशासक ने आठवें मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल की शुरुआत सेक्टर-3 स्थित वॉर मेमोरियल पर माल्यार्पण कर किया। यहां दो मिनट का मौन रखा गया और 1999 के कारगिल युद्ध में लड़ने वाले शहीदों और सैनिकों के बलिदान और वीरता को याद किया गया। बाद में कारगिल युद्ध में लड़ने वाले शहीदों और सैनिकों की याद में ब्रेवहार्ट्स राइड को सेक्टर-1 स्थित चंडीगढ़ क्लब के बाहर से हरी झंडी दिखाई गई। 43 विभिन्न क्लबों और संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 800 मोटर बाइक सवारों ने इसमें भाग लिया। शहर इन सुपरबाइक्स की आवाज से गूंज उठा। इसमें कर्नल आरपीएस बराड़, ब्रिगेडियर जेएस अरोड़ा और कर्नल टीएस धालीवाल की मेहनत रही। इस खास मौके पर पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक और पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ समेत अन्य भी उपस्थित रहे। बता दें कि मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल (एमएलएफ) का आठवां संस्करण 30 नवंबर और एक दिसंबर को चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस साल इसका थीम ‘वार्स अंडर द न्यूक्लियर अम्ब्रेला’ है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध पर होगी चर्चा, सेना के हथियारों की लगेगी प्रदर्शनी
मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में विभिन्न सत्रों के दौरान भारत और पश्चिम पर रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान धुरी का प्रभाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत, पाकिस्तान और चीन के संबंध में आधुनिक युद्ध के क्षेत्र, भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारा समेत कई विषयों पर तकनीकी सत्रों के दौरान चर्चा की जाएगी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति, म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर में समकालीन विकास और लोकतांत्रिक देशों में राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों जैसे अन्य विषयों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान हथियारों की प्रदर्शनी, पुस्तक समीक्षाएं, डॉग शो, युद्ध आधारित फिल्में व वृत्तचित्र, सैन्य डाक टिकट प्रदर्शनी, क्षेत्रीय नृत्य और वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत लिटरेचर फेस्टिवल की अन्य विशेषताएं होंगी।
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