चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस पार्षदों की पहचान करने के लिए पार्टी ने तीन वरिष्ठ नेताओं की एक समिति बनाई है। पार्टी भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों से बचने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
चंडीगढ़ पार्टी महासचिव हरमेल केसरी ने बताया कि पूर्व पार्षद जितेंद्र भाटिया, पवन शर्मा और एनके नंदा को क्रॉस वोटिंग की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। कांग्रेस पार्षदों पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के बजाय भाजपा उम्मीदवार को वोट देने का आरोप है। क्रॉस वोटिंग के कारण आप उम्मीदवार प्रेमलता मेयर चुनाव हार गई थीं। भाजपा उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला को 19 वोट मिले थे, जबकि आप-कांग्रेस गठबंधन की प्रेमलता को 17 वोट ही मिले। यही नहीं, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग हुई।
गुरबख्श रावत भाजपा में हो गई थीं शामिल
उधर, 17 साल तक कांग्रेस में रही पार्षद गुरबख्श रावत चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गई थीं। कांग्रेस भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया है। आप का कहना है की कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को हरवाया है।