इस दौरान उन्होंने वहां पर किसी से बाबा दयाल दास के बारे में जानकारी मांगी और जानकारी लेकर डेरा परिसर में खाना खा रहे बाबा दयाल दास के पास पहुंचकर उन पर रिवाल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने बाबा दयाल दास पर करीब 5-6 फायर किए गए और तीन गोलियां लगने से उनकी मौत हो गई। चूंकि डेरा प्रमुख बाबा हरिदास ने डेरे की गद्दी बाबा दयाल दास को सौंपने का मन बनाया था और आशंका है कि इसी रंजिश के चलते उनकी हत्या की गई है।
इसके अलावा डेरे की जमीन को लेकर चल रहा विवाद भी हत्या का कारण हो सकता है। इस मामले में डीएसपी कोटकपूरा बलकार सिंह संधू ने बताया कि पुलिस विभिन्न बिंदुओं के आधार पर पड़ताल कर रही है। आरोपियों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मालूम हो कि कुछ साल पहले डेरे से संबंधित गांव पंजगराईं खुर्द (मोगा) स्थित गोशाला की जमीन को लेकर भी विवाद हुआ था।